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शहर से घाट तक गंगा ओहार की धूम

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शहर स्टेशन मालगोदाम रोड पर जाम में फंसे राहगीर। - फोटो : BALLIA
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बलिया। गंगा ओहार के मौके पर शुक्रवार को बड़ी संख्या में लोग बच्चों का मुंडन संस्कार कराने के लिए भोर से ही गंगा घाटों पर पहुंचने लगे। इसके चलते शहर में जगह जगह जाम लगा रहा।
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हर वाहन पर बंधे लाउडस्पीकर और उनसे महिलाओं के मुंह से सुमधुर देहाती गीतों के बोल माहौल को और खुशनुमा व भक्तिमय बना रहे थे। मौका था गंगा ओहार का, जिामें हर वाहन गंगा के किनारे पहुंचने की जल्दी में थे। 28 फरवरी को मुंडन संस्कार का मुर्हुर्त होने के कारण भोर से ही लोगों ने गंगा की ओर प्रस्थान करना शुरू कर दिया था। एकसक तके शहर की लगभग सभी सड़कों पर जाम की स्थिति थी। भोर से ही पुलिस वाहनों को सिस्टम से पार कराने की जुगत में लगी हुई थी जो शुक्रवार को देर शाम तक जारी रही।
संवाद सूत्र रामगढ़ के अनुसार क्षेत्र के छोटे बड़े सभी गंगा घाटों पर शुक्रवार को सूर्योदय के साथ ही मुंडन संस्कार के लिए लोगों की भीड़ इकट्ठा होने लगी थी। जैसे जैसे सूर्यदेव ने रोशनी बिखेरना शुरू किया, वैसे-वैसे लोगों की भीड़ बढ़ती गयी। आलम यह रहा कि सुबह 10 बजे तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवागमन ठप सा हो गया। जाम के कारण लोगों को अपने गंतव्य तक आने जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। क्षेत्र के गंगापुर, हुकुमछपरा, पचरुखिया, मझौवां और गोपालपुर गंगा घाट पर लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ मुण्डन संस्कार और मन्नत पूरी करने को जुटी रही। दूर दूर से निजी वाहनों से आये श्रद्धालुओं के कारण बेलहरी से रामगढ़ तक आवागमन थम सा गया था।
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संवाद सूत्र दया छपरा के अनुसार क्षेत्र के गंगा घाट पर मुंडन कराने वालों की भीड़ इतनी बढ़ी लोगों को नाव के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। गोपालपुर गंगा घाट पर मुण्डन संस्कार में आये रेवती थाना क्षेत्र के छेड़ी व बैरिया थाना क्षेत्र के जमालपुर के ग्रामीणों में गाड़ी खडा करने को लेकर विवाद हो गया। सूचना पर पहुंचे एसएचओ बैरिया ने किसी तरह दोनों पक्षों को अलग किया।
पैसे के लिए खतरे में डाली जान
अधिक पैसे के लालच में गंगा घाटों पर मौजूद नाविक लोगों की जान खतरे में डाल देते हैं। शुक्रवार को भी विभिन्न घाटों पर ऐसे दृश्य नजर आए। नाव पर क्षमता से अधिक लोगों को बैठाकर गंगापार कराया गया। मौके पर पुलिस व प्रशासन की ओर से अधिकारी कर्मचारी की तैनाती न होने से नाविक गलत फायदा उठाते नजर आए। जबकि ऐसी ही स्थति में वर्ष 2011-12 में एक नाव गंगा में डूब गई थी, तब एक ही परिवार के 13 लोगों की मौत डूबने से हुई थी। शुक्रवार को एसएचओ हल्दी व रामगढ़ चौकी इंचार्ज हमराहियों के साथ गश्त करते दिखे, लेकिन ये घाटों की ओर नहीं गए, बल्कि एनएच पर ही आवागमन को जारी रखने में परेशान रहे।
मुंडन संस्कार में गया युवक गंगा में डूबा
बलिया। दुबहर गांव निवासी एक युवक मुंडन संस्कार के दौरान गंगा नदी में डूब गया। दुबहर निवासी विशाल गुप्ता (17) पुत्र विजय गुप्ता गांव के ही छ्ट्ठू गुप्ता के पौत्र के मुंडन संस्कार में शिवराम पुर गंगा घाट पर गया था। वह भी नाव पर चढ़कर गंगा उस पार गया। लौटते समय नाव पर से कई लड़के गंगा में कूद कर तैरने लगे। यह देख विशाल भी नाव से कूद गया और नहाते समय अचानक डूब गया। नाव पर सवार लोगों के शोर मचाने पर मछुआरों ने उसे ढूढ़ने का प्रयास किया, लेकिन उसका पता नहीं चला। सूचना पर दुबहर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि बिट्टू मिश्रा व थानाध्यक्ष दुबहर फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और विशाल की तलाश शुरू कराई, लेकिन उसका पता नहीं चला।
गांव में सन्नाटा, बंद हुई दुकानें
विशाल के गांव के लोगों ने बताया कि वह तीन भाईयों में सबसे बड़ा है। चट्टी पर चाऊमीन, अंडा, रोल आदि की दुकान चलाने के साथ पिता के काम में भी हाथ बंटाता है। ग्राम प्रधान बिट्टू मिश्रा ने बताया कि वह बहुत ही मिलनसार प्रवृत्ति का है। जैसे ही दुबहर चट्टी पर दुकानदारों को विशाल के डूबने की सूचना मिली, सभी दुकानदार दुकानें बंद कर शिवराम पुर घाट पर पहुंच गए।
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