बलिया। गाजीपुर से मांझी तक निर्माणाधीन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को माल्देपुर में गंगा की कटान से बचाने की कवायद तेज हो गई है। सेतु निगम की तरफ से कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। बाढ़ में नदी की कटान ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे की तरफ न हो, इसके लिए नदी में 18 मीटर अंदर से बोरी व बोल्डर डालने का कार्य किया जा रहा है। नदी की धारा मोड़ने के लिए 200-200 मीटर पर 6 स्पर बनाए जाएंगे। इसके अलावा एप्रन व पिचिंग के कार्य कराए जाएंगे। इस परियोजना में नदी की धारा मोड़ने के लिए 1200 मीटर तक ठोकर बनाए जाएंगे। इससे क्षेत्रीय किसानों को भी लाभ होगा।
एनएचआई ने इस कार्य को कराने के लिए सेतु निगम गोरखपुर को धन का आवंटन किया है। पिछले वर्ष बाढ़ के समय गंगा नदी की कटान ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे से मात्र 50 मीटर की दूरी तक हो रही थी। इससे खतरा उत्पन्न हो गया था। हालांकि बाढ़ विभाग की तरफ से खोरीपाकड़ व माल्देपुर के सामने करीब 14 करोड़ का कटानरोधी कार्य कराया गया है। इसके बाद भी नदी की धारा ने माल्देपुर के सामने कटान की थी। एनएचआई को उम्मीद है कि इस परियोजना से नदी की धारा दूर चली जाएगी। एनएचआई के पीडी पीयूष अग्रवाल ने बताया कि बाढ़ से पहले काफी हद तक कार्य पूर्ण कर लिए जाएंगे।
एक नजर में कटानरोधी परियोजन
- नदी का नाम - गंगा
- लागत -125 करोड़ लगभग
- कुल कार्य -1200 मीटर
- स्पर की संख्या - 6
- ग्रीनफील्ड से गंगा की दूरी-50 मीटर
गंगा की कटान ग्रीनफील्ड की तरफ न बढ़े, इसके लिए कार्य तेजी से चल रहा है। परियोजना स्वीकृति में विलंब से थोड़ी दिक्कत आई है लेकिन बाढ़ के समय तक नदी की धारा मोड़ने का कार्य करने का लक्ष्य रखा गया है। स्पर बनाने के लिए किसानों से भूमि खरीदने की कवायद भी की जा रही है। उम्मीद है कि नदी की धारा में बदलाव होगा। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा। - इं. दीन बंधु गुप्ता, जेई सेतु निगम, गोरखपुर।
सुरक्षा दीवार की तरह होता है स्पर
नदियों की कटान को रोकने के लिए किनारे स्पर का निर्माण किया जाता है। यह पानी के तेज बहाव को किनारों से दूर मोड़ने वाली एक सुरक्षा दीवार या संरचना की तरह होते हैं। स्पर नदी के किनारे से लंबवत नदी तक बनाए जाते हैं। ये पानी के सीधे थपेड़ों को किनारों पर लगने से रोकते हैं। इससे पानी का बहाव धीमा हो जाता है, जिससे नदी की मिट्टी वहीं बैठ जाती है और कटान रुक जाती है। इसे बोल्डर, कंक्रीट, मिट्टी का इस्तेमाल करके बनाया जाता है।
इस साल परियोजना को पूरा कराना चुनौती
माल्देपुर गंगा तट पर कटान रोकने के लिए 125 करोड़ की परियोजना पर काम शुरू हो गया है लेकिन इस साल परियोजना पूर्ण करना सेतु निगम के लिए चुनौती होगी। फिलहाल सेतु निगम की तरफ से मानसून से पहले कटान व धारा बदलने के लिए कार्य पूरा करने जोर दिया जा रहा है, ताकि इस साल की बाढ़ के समय दिक्कत न हो और ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पूरी तरह से सुरक्षित रहे। अधिकारियों के अनुसार परियोजना विलंब से स्वीकृत हुई है लेकिन कार्य की गति का बढ़ाया गया है।
बच जाएगी उपजाऊ भूमि
माल्देपुर के सामने गंगा पांच साल पहले तीन किमी दूर बहती थी लेकिन इधर बीच नदी की कटान बढ़ने से सैकड़ों एकड़ उपजाऊ भूमि नदी में समाहित हो गई थी। अब नदी एनएच-31 से कुछ दूरी पर आ गई है। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे को बचाने के लिए चल रहे कार्य से क्षेत्रीय किसानों को उपजाऊ भूमि बचने की उम्मीद जग गई है।