सीबीआई द्वारा पकड़े रत्तोपुर के तदीपुर निवासी राजकुमार सिंह।
बलिया। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या में बलिया के चिलकहर निवासी राजकुमार की गिरफ्तारी के बाद उसके दोस्त अंडरग्राउंड चल रहे है। टीम को उससे पूछताछ के दौरान अहम जानकारी मिली है। पूर्व में गिरफ्तार राज सिंह व राजकुमार दोनों 12 किमी क्षेत्र के दायरे के रहने वाले हैं। राजकुमार सिंह एक व्हाट्एसएप ग्रुप से जुड़ा था। इसमें क्षेत्र के 10 से 12 गांवों के 25 से 40 वर्ष के मनबढ़ किस्म के युवक शामिल हैं। वे एक मेसेज या काॅल पर किसी से मारपीट व हमला करने के लिए तैयार रहते हैं। सितंबर 2023 में इसी ग्रुप के सदस्यों ने चिलकहर रेलवे स्टेशन पर एक युवक की चाकू मारकर हत्या की थी।
इस मामले में 11 नामजद पर प्राथमिकी दर्ज हुई थी। पुलिस ग्रुप के सदस्यों की खोजबीन कर रही थी। हालांकि इस मुकदमे में राजकुमार का नाम नहीं था, लेकिन ग्रुप का सदस्य होने के कारण कार्रवाई के डर से शहर में रहने लगा। वह किसी की गाड़ी चलाता था। उसी दौरान उसकी नजदीकी राज सिंह के साथ हुई थी। इसी ग्रुप के दो युवकों को गड़वार थानाक्षेत्र के हजौली नारापार गांव से लखनऊ एसटीएफ ने अगस्त 2024 में अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया था। आरोपियों के पास से तीन पिस्टल, एक रिवाल्वर, एक तमंचा, एक रायफल व 14 कारतूस बरामद हुए थे। एके 47 का कारतूस भी बरामद हुआ है। ये हथियार युवक बिहार, झारखंड सहित अन्य राज्यों में तस्करी करते थे। पुलिस अगर मामले की गहनता से जांच करती तो गैंग सामने आ गया होता।
बक्सर, बलिया और गाजीपुर में बंगाल एसटीएफ ने किया कैंप
बंगाल की एसटीएफ टीम बक्सर, गाजीपुर व बलिया में कैंप कर दोनों आरोपियों से जुड़े लोगों की क्राइम हिस्ट्री, बैंक डिटेल व अन्य जानकारी जुटा रही है। हाई प्रोफाइल मामला होने के कारण घटना में किसी बड़े शातिर के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। पकड़े गए आरोपियों के संपर्क के कुछ लोग नेपाल भाग गए हैं। इस मामले में गाजीपुर के कुछ लोगों की भूमिका सामने आ रही है।
मनबढ़ राजकुमार कोई घटना कर सकता
रसड़ा कोतवाली में वर्ष 2022 में गांव में दलित परिवार के दरवाजे पर चढ़कर मारपीट के मामले में राजकुमार सहित ग्रुप के सदस्यों पर एससी-एसटी एक्ट में एफआईआर दर्ज है। पिता त्रिभुवन नारायण सिंह ने बताया कि बेटा क्या करता था, इसकी जानकारी किसी को नहीं देता था। अक्सर 10 से 15 दिन घर से गायब रहता था। जिस परिवार की ओर से एससी एसटी का मुकदमा चल है, उसने बताया कि यह बड़ा ग्रुप है। मनबढ़ किस्म के लोग अपराध करने से नहीं हिचकते हैं।