मझौवां/दयाछपरा। चौथी बार गंगा में उफान है। तटवर्ती लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। गंगा के जलस्तर में आधा सेमी प्रतिघंटा वृद्धि हो रही है। चक्की नौरंगा में सात मकान नदी की धारा में विलीन हो गए। इलाके के 30 गांव टापू बन गए हैं।
बाढ़ विभाग अधिकारियों ने बताया कि जिले में खतरे के निशान के करीब जलस्तर पहुंचे का अनुमान है। चौथी बार तटवर्ती क्षेत्रों में भयंकर बाढ़ की संभावना जताई जा रही है। वहीं, शहर के निचले इलाकों के गायत्री व निहोरा काॅलोनियों तक पानी पहुंच गया है।
महावीर घाट गायत्री मंदिर तक जाने वाले मार्ग पर एक फीट तक पानी चढ़ गया है। बैरिया तहसील क्षेत्र के गंगा उस पार चक्की नौरंगा गांव में श्रीकृष्णा चौबे, जयनारायण ठाकुर, गणेश ठाकुर, शिव शंकर, एकराम राम, नंद जी राम और दिनेश राम के मकान नदी में समाहित हो गया।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गायघाट गेज पर सोमवार की शाम 4 बजे गंगा नदी का जलस्तर 59.060 मीटर रिकाॅर्ड किया गया। गंगा नदी इस समय खतरे के निशान से 1.445 मीटर ऊपर बह रही है। यहां 2016 में उच्चतम स्तर 60.390 मीटर रिकाॅर्ड किया गया था। नदी के बढ़ाव को देखकर रामगढ़ से लेकर नौरंगा तक के लोगों की बेचैनी है। सुघर छपरा, दूबे छपरा, गोपालपुर, उदई छपरा, नौरंगा, भुआल छपरा, चक्की नौरंगा, उपाध्याय टोला, नौरंगा, भगवानपुर के लोगों में अपना आशियाना खोने का भय सताने लगा है।
लालगंज संवाददाता के अनुसार गंगा का कटान शिवपुर घाट पर सोमवार को भी शुरू हो गया। यूपी बिहार को जोड़ने वाले गंगा नदी पर बन रहे पक्का पुल के पिलर संख्या ए-वन के पास कटान पहुंच गया। शिवपुर घाट पर चार दिनों से कटान हो रही है। बाढ़ विभाग ने कटान रोकने की कवायद शुरू कर दी है। बोरी में मिट्टी भरकर कटान किनारों पर डाली जा रही है।
सरयू नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी: बांसडीह। सरयू नदी उफान पर है। जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव से लोगों की परेशानी कम नहीं हो रही है।
बाढ़ का पानी भोजपुरवा, कोलकाला, रेगहा, चांदपुर, महाराजपुर, चकविलियम समेत आसपास के कई गांव को चपेट में ले लिया है। सबसे ज्यादा दिक्कत भोजपुरवा गांव के लोगों को झेलनी पड़ रही है। बाढ़ का पानी घरों तक पहुंच चुका है। मजबूरी में ग्रामीण अपने ही हाथों से वर्षों पुराने आशियाने तोड़ रहे हैं। मनोज और चंद्रमा नामक ग्रामीण अपने मकान गिराकर उसमें रखा सामान सुरक्षित स्थान पर ले जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ आने से उनकी पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया है।
एसडीएम बांसडीह अभिषेक प्रियदर्शी ने बताया कि प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। नाव और अन्य संसाधनों की व्यवस्था है। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने, राहत सामग्री उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
बाढ़ के पानी डूबा चितबड़ागांव क्षेत्र के नगवा गाई जाने वाला मार्ग पर उससे होकर आवागमन करते लोग।
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बाढ़ के पानी डूबा चितबड़ागांव क्षेत्र के नगवा गाई जाने वाला मार्ग पर उससे होकर आवागमन करते लोग।
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