गायघाट क्षेत्र में बाढ़ के पानी में डूबा सैकड़ों एकड़ परवल की फसल।संवाद
बलिया/ मझौवां। जिले में सरयू के बाद गंगा का जलस्तर खतरा बिंदु पार कर गया है। बृहस्पतिवार को गंगा की धारा एक सेमी प्रतिघंटा बढ़ाव पर थी। अगर नदी में इसी तरह बढ़ाव बना रहा तो अगले 2 दिनों में 41 गांवों के 36 हजार की आबादी को बाढ़ का सामना करना पड़ सकता है। चार बस्तियों में नदी का पानी घुस गया है।
गंगा का पानी अब गांवों की ओर बढ़ने लगा है। गंगा नदी से होने वाली कटान से राष्ट्रीय राजमार्ग-31 और धारा के बीच का फासला 10 मीटर रह गया है।
वहीं, बाढ़ विभाग की तरफ से बंधों की निगरानी बढ़ा दी गई है। राजस्व टीम गांव-गांव पहुंच कर निगरानी व लोगों की मदद में जुटी हुई है। अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि गंगा का जलस्तर अभी बढ़ने का अनुमान है। इसे देखते हुए तटवर्ती गांवों में लोगों को बाढ़ के खतरे से आगाह कर दिया गया है। मोबाइल पर मेसेज के माध्यम से लोगों को जानकारी दी गई है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा नदी गायघाट गेज पर खतरा बिंदु 57.615 मीटर को पार कर गई है। बृहस्पतिवार की शाम 4 बजे गंगा नदी का जलस्तर 57.920 मीटर रिकाॅर्ड किया गया। इसके साथ ही एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर बढ़ रहा है।