संवाद न्यूज एजेंसी
मझौवां। गंगा नदी में जलस्तर बढ़ रहा है। सोमवार को गायघाट गेज पर शाम चार बजे गंगा ने वार्निंग लेबल 56.615 मीटर को पार कर तटवर्ती क्षेत्र में खतरे की घंटी बजा दी। गंगा नदी अब तेजी से खतरा बिंदु की ओर अग्रसर हो रही है। हालांकि प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। गंगा में 5 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर बढ़ रहा है।
केंद्रीय जल आयोग ने गायघाट गेज पर सोमवार की शाम 4 बजे गंगा का जलस्तर 56.880 मीटर दर्ज किया। यहां खतरा बिंदु 57.615 मीटर व मीडियम फ्लड लेवल 58.615 मीटर है। अगर ऐसे ही गंगा नदी में बढ़ाव का क्रम जारी रहा तो लाल निशान को मंगलवार के दिन पार कर जाएगी। बाढ़ विभाग एनएच-31 को बचाने के लिए हुकुम छपरा में फ्लड फाइटिंग के तहत प्लास्टिक की बोरी में मिट्टी भरकर नदी में डाल रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर जलस्तर में गिरावट नहीं हुई तो अगले 24 घंटे के अंदर गांवों के निचले हिस्से में पानी फैल जाएगा। तटवर्ती गांवों के लोग सुरक्षित ठौर तलाशने में जुट गए हैं। सोनार टोला, सुघर छपरा, दूबे छपरा, गोपालपुर, उदई छपरा, नौरंगा, भुआल छपरा, चक्की उपाध्याय टोला, शतिघाट, भुसौला सहित दर्जनों गांवों का अस्तित्व संकट में पड़ जाएगा। प्रतिदिन करीब 10 से 15 एकड़ उपजाऊ भूमि गंगा नदी में विलीन हो रही है। बाढ़ विभाग के अधिकारी का कहना है कि बम्बूक्रेट विधि से बस्तियों को बचाने का प्रयास जारी है। सफलता-असफलता नदी के रुख पर निर्भर है। दूसरी तरफ सुघर छपरा, दूबे छपरा, गोपालपुर, उदई छपरा आदि गांवों के लोग भी गंगा नदी का तल्ख तेवर देख भय में हैं।