चककी नौरंगा गांव में गंगा नदी कटान में समाहित हो रही मकान। वीडियो ग्रैब
मझौवां/ दुबेछपरा। चौबीस घंटे के अंदर चक्की नौरंगा में गंगा नदी की कटान में 22 लोगों के मकान नदी में समा गए। हालांकि शनिवार की शाम को गंगा नदी का जलस्तर स्थिर हो गया।
तेजी से कटान का दौर अभी जारी है। गंगा की धारा ने अचानक अपनी दिशा बदल ली है। बस्तियों की ओर कटान तेज हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि हमने कभी इस तरह की भयंकर कटान नहीं देखी थी। प्रलयकारी बाढ़ ने 60 हजार से अधिक की आबादी की जिंदगी को संकट में डाला है। अस्सी फीसदी लोग गांव के अंदर फंसे हुए हैं। बिजली आपूर्ति कटने से लोग अंधेरे में रहते हैं। बाढ़ से प्रभावित लोगों को नाव उपलब्ध नहीं कराई गई है। हालत यह है कि घरों के छतों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। भोजन, पानी, नाव, बिजली, राहत कीट, पशुओं के चारे के लिए लोग परेशान हैं। केंद्रीयजल आयोग गायघाट गेज पर शनिवार की शाम 4 बजे गंगा नदी का जलस्तर 59.660 मीटर दर्ज किया गया। हालांकि गंगा खतरा बिंदु से 2.045 मीटर ऊपर बह रही है।
भाजपा नेता ने वितरित की राहत सामग्री : बैरिया। विधानसभा की भाजपा नेता विजयालक्ष्मी सिंह ने दुबे छपरा और गोपालपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत सामग्री वितरित की। लगभग 250 से अधिक सूखे राशन किट का वितरण किया।
चककी नौरंगा गांव में गंगा नदी कटान में समाहित हो रही मकान। वीडियो ग्रैब
चककी नौरंगा गांव में गंगा नदी कटान में समाहित हो रही मकान। वीडियो ग्रैब
चककी नौरंगा गांव में गंगा नदी कटान में समाहित हो रही मकान। वीडियो ग्रैब