पूर्वांचल बैंक सोनवानी शाखा में नोटबंदी के बाद बैंक में जमा हुए पुराने नोट जिला मुख्यालय न भेजने की गड़बड़ी का मामला सामने आया है। जिसके तहत जोनल गोरखपुर की टीम शनिवार को जांच करने के लिए शाखा पर पहुंच थी। मंगलवार को भी टीम के सदस्यों ने कई बिंदुओं पर जांच की तथा फाइलों को खंगाला। इस दौरान कैश शाखा न भेजने के बारे में पूछताछ की। इस प्रकरण में बैंक शाखा के प्रबंधक व अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है।
बीते आठ नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी की घोषणा की थी। जिसमें 30 दिसंबर तक पांच सौ तथा एक हजार के नोट बैंकों में जमा करने का समय दिया गया था। इसके बाद जनपद के सारे पूर्वांचल बैंक से पांच सौ तथा एक हजार के पुराने नोट 30 दिसंबर की देर रात तक मुख्य शाखा में भेज दिया था। लेकिन सोनवानी स्थित पूर्वांचल बैंक की शाखा ने 30 दिसंबर तक जमा पुराने नोटों को जमा नहीं कराया।
जिस पर पूर्वांचल बैंक के अफसरों ने शाखा प्रबंधक के मोबाइल पर कॉल किया। फिर भी उनका मोबाइल नंबर नहीं उठा। जिसके अधिकारियों ने एक वाहन को गार्ड तथा अन्य बैंक कर्मियों के साथ पैसा लाने के लिए शाखा पर रवाना कर दिया। जहां पर बैंक पर ताला लटकता मिला। 31 दिसंबर को इस प्रकरण की सूचना चेयरमैन पूर्वांचल बैंक को दी गई।
इसके बाद वहां से जांच टीम बैंक शाखा पर पहुंच गई। जांच टीम ने बैंक का मुख्य गेट बंद कराकर शाखा के एक-एक फाइल तथा लेनदेन सहित कैश को दो जनवरी की देर रात तक खंगाला। इस दौरान उपभोक्ताओं को बैंक बंद रहने से दिक्कतों का सामना करना पड़ा। फिलहाल बलिया से अधिकारियों ने सोनवानी शाखा पर कार्य के लिए एक अस्थाई प्रबंधक और कैशियर को भेजा है, जो जांच में सहयोग तथा बैंकिंग कार्य का निष्पादन कर रहे हैं। जांच के लिए पहुंची टीम इस प्रकरण में कुछ भी बताने से इंकार करते रहे।