थाना क्षेत्र के मूड़ेरा गांव में आग लगने के बाद आक्रोशित किसानों ने विद्युत उपकेंद्र मूड़ेरा पर तैनात कर्मचारियों को खदेड़ लिया। जिसके बाद वहां तैनात कर्मचारी अपनी जान बचाकर भाग निकले।
इलाके में जर्जर तार सालों से लटके हुए हैं। अक्सर गर्मी के दिनों में तार टूटकर गिरने से खेतों में खड़ी फसल जलकर राख हो जाती है। किसान केवल आंसू बहाते रह जाते हैं। उन्हें इसका मुआवजा तक नहीं दिया जाता। ऐसी ही घटना मुडेरा गांव में शनिवार को हुई। वहां शार्ट-सर्किट से तार टूटकर गिरने के बाद किसानों की फसल जल गई।
इससे नाराज किसान विद्युत उपकेंद्र पर पहुंच गए और कर्मचारियों को मारने के लिए दौड़ा लिया। इसके बाद इलाके की बिजली काट दी गई और कर्मचारी वहां से फरार हो गए। आलम यह है कि वर्तमान में मूड़ेरा, बैजलपुर, आमघाट, बेसवान, कामशीपुर, बस्ती, रोहना, सड़ौली गांव सहित अन्य गांवों में अंधेरे में हैं।
किसान जगदीश सिंह व सुरेंद्र सिंह का आरोप है कि विद्युत कर्मचारियों के लापरवाही के चलते जर्जर तार तेज हवा में टूटकर गिर जा रहे हैं। तार के आपस में लड़ने से किसानों की साल भर की कमाई पलभर में जलकर राख हो गई।
सूचना पाकर तहसीलदार मिथिलेश त्रिपाठी, नायब तहसीलदार मुकेश सिंह, कोतवाल पीके मिश्रा मौके पर पहुंचे। उन्होंने मुआवजा दिलाने, जर्जर तार बदलने तथा कर्मचारियों पर कार्रवाई का आश्वासन देकर किसानों को शांत कराया। उसके बाद 24 घंटे के अंतराल पर विद्युत आपूर्ति बहाल हो पाई।