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एनएच 31 के मरम्मत पर लग सकता है ग्रहण, प्राप्त से धन से पूरा नहीं हो सकेगा कार्य

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बैरिया। एनएच 31 को गड्ढामुक्त करने के कार्य पर एक बार फिर ग्रहण लग सकता है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को ढाई करोड़ रुपये जारी किए गए हैं जिससे महज साढ़े चार किलोमीटर तक ही मरम्मत हो सकती है। जबकि बैरिया से मांझी तक कुल दूरी 14 किमी सड़क गड्ढायुक्त है। एनएचएआई के परियोजना निदेशक की मानें तो गाजीपुर के मांझी घाट तक मरम्मत के लिए 143 करोड़ स्वीकृत हैं लेकिन कोई टेंडर नहीं डाल रहा है जिससे यह अधर में लटका है।
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राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के आजमगढ़ के परियोजना निदेशक नवीन कुमार मिश्र ने बताया कि एनएच 31 पर गाजीपुर से मांझी घाट तक कुल लंबाई 140 किमी की मरम्मत के लिए 143 करोड़ रुपये स्वीकृत हुआ है लेकिन कोई ठेकेदार टेंडर नहीं डाल रहा है जिससे आगे की कार्रवाई नहीं हो पा रही है। दो करोड़ 54 लाख रुपये मिले हैं जिससे मरम्मत कार्य चल रहा है। इस धनराशि से साढ़े चार किमी लंबाई में ही सड़क मरम्मत हो सकती है। इससे अधिक के लिए फिर प्रोजेक्ट बनाकर भेजा जाएगा। धन मंजूर होने पर कार्य शुरू होगा। इसमें वक्त लग सकता है। उल्लेखनीय है कि एनएच की मरम्मत होनी है। प्रति मीटर 10 हजार रुपये के हिसाब से एनएचआई को भुगतान करना है। फिर भी टेकेदार क्यों नहीं टेंडर डाल रहा है।
एनएचएआई के सदस्य आरके पांडेय ने बताया कि एनएच 31 को गाजीपुर से मांझी घाट तक मरम्मत के लिए 143 करोड़ स्वीकृत हुआ है लेकिन कोई ठेकेदार टेंडर डालने के लिए आगे नहीं आ रहा है। इसका क्या कारण है, मैं नहीं बता सकता।
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मरम्मत नहीं हुई तो अदालत की शरण लेंगे : एनएच की मरम्मत की मांग को लेकर दुर्गविजय सिंह झलन के नेतृत्व में लोगों ने तीन दिन पूर्व जिन्न बाबा के स्थान पर जाम लगाया था। उस दौरान एसडीेम बैरिया अशोक चौधरी ने पांच दिसंबर तक एनएच 31 पर मांझी घाट तक मरम्मत और 10 दिसबंर तक जयप्रभा सेतु की मरम्मत कार्य पूरा कराने का आश्वासन दिया था। उधर, इंटक के जिलाध्यक्ष विनोद सिंह ने कहा कि एक माह के अंदर अगर मांझी घाट तक एनएच 31 को गड्ढामुक्त नहीं किया गया तो वे मामले को लेकर उच्च न्यायालय की शरण लेंगे।
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