बेरूआरी पीएचसी पर मोबाइल की लाइट में चार महिलाओं का प्रसव कराने का मामला सामने आने के बाद महकमा हरकत में आ गया है। बता दें कि बीस लाख का सोलन प्लांट लगा है लेकिन वो काम नहीं आया जिसके बाद सीएमओ ने सोलर प्लांट लगाने वाली फर्म को नोटिस जारी करने की बात कही।
जिला मुख्यालय से 12 किमी स्थित बेरूआरबारी पीएचसी का ट्रांसफाॅर्मर तीन दिन पहले जल गया। 20 लाख से लगा सोलर प्लांट भी अब तक शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में सोमवार की रात स्वास्थ्य केंद्र में चार गर्भवती महिलाओं का मोबाइल की लाइट में प्रसव कराया गया।
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इसमें राजपुर गांव निवासी राजू साहनी की पत्नी, नीतू देवी पत्नी राजू साहनी निवासी राजपुर, मंजू देवी पत्नी मिथुन निवासी अछूही, पिंकी देवी पत्नी चंद्रमा राजभर निवासी आदर, रजिया खातून पत्नी अख्तर अली अपायल शामिल रहीं।
चंद्रमा राजभर ने कहा कि शासन सरकारी अस्पतालों में बेहतर इलाज का दावा कर रहा है। लेकिन धरातल पर हालत बेहद खराब है। प्रसूताओं को भोजन व नाश्ता तक नहीं मिलता है। जबकि शासन से हर प्रसूता को भोजन के नाम पर बजट जारी होता है।
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इस बाबत सीएमओ डॉक्टर संजीव वर्मन ने कहा कि मोबाइल की लाइट में प्रसव कराने मामले की जांच करने के बाद कुछ कहना ठीक रहेगा। सोलर प्लांट लगाने वाली फर्म को नोटिस जारी किया जाएगा। प्रसूताओं को नाश्ता व भोजन न मिलने की जांच करवाने के बाद कार्रवाई की जाएगी। हालांकि मंगलवार को ट्रांसफाॅर्मर की मरम्मत करा दी गई।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर क्षेत्र के 26 गांवों के 70 हजार की आबादी के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी है। स्वास्थ्य केंद्र को बिजली के लिए आत्मनिर्भर बनाने के लिए दो वर्ष पहले 20 लाख रुपये में सोलर प्लांट लगा था, जो चालू न होने से शोपीस बना हुआ है।
गर्मी में चिकित्सक व मरीज परेशान हैं। लोग घर से हाथ वाला पंखा लेकर केंद्र पर आते हैं। हद तो तब हो जाती है, जब रात के समय प्रसव के दौरान लाइट कट जाती है। मोबाइल की लाइट जलाकर प्रसव कराया जाता है।