बैरिया। सुदिष्ट बाबा महाविद्यालय के समाजशास्त्र के विभागाध्यक्ष और पूर्व प्राचार्य डा. सुधाकर प्रसाद तिवारी को जिलाधिकारी ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद के आदेश के अनुपालन में बर्खास्त कर दिया। 1997 से अब तक लिए गए वेतन की रिकवरी का आदेश भी दिया है। जिलाधिकारी ने सुदिष्ट बाबा महाविद्यालय के प्रबंध संचालक की हैसियत से डॉ. तिवारी को बर्खास्त किया है।
आरोप है कि अवैध तरीके से नियुक्ति के बाद उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश के बाद भी डा. सुधाकर प्रसाद तिवारी ने दो दशक से अधिक समय तक महाविद्यालय में शिक्षण कार्य किया। शिक्षासत्र 2017-18 में वह महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य भी रहे हैं। जिलाधिकारी की ओर से जारी पत्र में बताया गया कि पूर्व में ही कुलाधिपति एवं राज्यपाल ने उनकी नियुक्ति को गलत करार देते हुए सेवा समाप्त कर दी थी। लेकिन तथ्यों को छिपाकर डा. तिवारी ने न्यायालय से स्थगन आदेश ले लिया था। प्रबंध समिति के सदस्य रासविहारी सिंह, स्व. विधायक मैनेजर सिंह के पुत्र अवकाश प्राप्त पुलिस उपाधीक्षक योगेंद्र सिंह व छात्र नेता नितेश कुमार सिंह के शिकायत की जांच में जिलाधिकारी ने डॉ. सुधाकर तिवारी को बर्खास्त कर वेतन रिकवरी का आदेश जारी किया है।