बलिय। शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने के मामले में जमानत पर चल रहे वन दरोगा उग्रसेन जायसवाल को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। उसपर आरोप है कि जमानत के दौरान पीड़िता पर मुकदमा वापस लेने के लिए धमकी दे रहा था।
दूसरी तरफ अभद्र भाषा का प्रयोग व अन्य मामले में आरोपी दोनों पुलिसकर्मी उभांव थाना प्रभारी रहे संजय शुक्ल, क्राइम इंस्पेक्टर नरेश मलिक पुलिस की पकड़ से दूर हैं। प्राथमिकी दर्ज होने के तीसरे दिन पीड़िता का मेडिकल होने के बाद कोर्ट में बयान दर्ज हुआ। बृहस्पतिवार को बयान दर्ज कराने के लिए दिन भर पीड़िता कोर्ट में बैठी रही लेकिन मेडिकल न होने के कारण नहीं हो सका।
उभांव के थाना प्रभारी दिनेश पाठक ने बताया कि थाने में यौन उत्पीड़न की धमकी देने सहित अन्य मामलों में दर्ज प्राथमिकी में अभियुक्त उग्रसेन कुमार जायसवाल निवासी करीमगंज थाना उभांव के विरुद्ध क्षेत्राधिकारी रसड़ा ने धारा 35(3) बीएनएसएस का नोटिस निर्गत किया था। उपनिरीक्षक मुकेश कुमार पुलिस टीम के साथ नोटिस देने के लिए अभियुक्त के घऱ गए। लेकिन वह घर पर नहीं मिला।
आरोपी के परिजनों ने बताया कि अपनी बहन के घर पर गया है। तत्पश्चात वहां पर जाने पर आरोपी उग्रसेन कुमार मौजूद मिला। नोटिस का तामिला कराने के लिए कहा गया। उसने इससे इन्कार किया। नोटिस का तामिला नहीं करने पर क्षेत्राधिकारी रसड़ा से बात कर पीड़िता की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी के आधार पर गिरफ्तार कर चालान किया गया। पीड़िता ने 15 अप्रैल को वन दरोगा पर पूर्व में दर्ज प्राथमिकी में चार्जशीट लगाने के नाम पर क्राइम इंस्पेक्टर नरेश मलिक पर फोन कर अश्लील बात करने और वन दरोगा उग्रसेन व थाना प्रभारी रहे संजय शुक्ल पर प्राथमिकी वापस लेने की धमकी मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। थाना प्रभारी दिनेश पाठक ने बताया कि अन्य आरोपियों की विवेचना के आधार पर तलाश चल रही है।