सिंहपुर गांव में मुआवजे को लेकर अधिकारियों से वार्ता करते विधायक उपेंद्र तिवारी।
132 केवीए की लाइन ले जाने के लिए टावर बनाने को लेकर रविवार को सिंहपुर गांव के ग्रामीणों और उप्र पावर कारपोरेशन के अधिकारियों में मुआवजे के मुद्दे पर विवाद हो गया। बात बढ़ने पर क्षेत्रीय विधायक उपेंद्र तिवारी, एडीएम बच्चालाल मौर्य एवं एसडीएम रामानुज सिंह आदि मौके पर पहुंच गए। एडीएम ने भूमि अधिग्रहण नियमावली के मुताबिक मुआवजा देने के बाद ही कार्य कराए जाने का आश्वासन देकर विवाद खत्म कराया।
रसड़ा-बलिया जाने वाली मेन लाइन से 132 केवीए विद्युत उपकेंद्र चितबड़ागांव को जोड़ा जाना है। इसके लिए सिंहपुर गांव में टावर बनाए जाने हैं। जमीन के मुआवजे को लेकर काश्तकारों एवं विद्युत अधिकारियों के बीच एक माह से वार्ता चल रही थी। इस बीच रविवार को पावर कारपोरेशन के अधिशासी अभियंता पुलिस बल के साथ पहुंचे और काम शुरू करा दिया। ग्रामीणों ने इसका जबरदस्त विरोध किया। विवाद बढ़ते देख किसी ने क्षेत्रीय विधायक और प्रशासन को सूचना दे दी। जानकारी मिलते ही क्षेत्रीय विधायक, एडीएम एवं एसडीएम मौके पर पहुंच गए।
अधिकारियों और ग्रामीणों से वार्ता के बाद एडीएम ने अधिशासी अभियंता से इस संबंध में नियमावली की प्रति मांगी। लेकिन अधिशासी अभियंता ने नियमावली के बजाय सर्वोच्च न्यायालय का आदेश दिखाया। इसके बाद तय हुआ कि नियमावली देखने के बाद एडीएम, विधायक और काश्तकारों की संयुक्त बैठक होगी। उसके बाद नियमानुसार मुआवजा दिए जाने के बाद ही कार्य प्रारंभ होगा। इस मौके पर प्रेमनाथ, अंजनी, अभय, विनोद, उमाशंकर, मनोज, अक्षयवर, सुग्रीव, भरत, अजय सिंह, गुलाबचंद्र, राकेश चौबे, सतपाल सिंह आदि मौजूद रहे।