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स्कूल खुलने के नौ माह बाद भी नहीं मिला खाद्य सुरक्षा भत्ता

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बलिया। कोरोना काल में बंद रहे परिषदीय स्कूलों को खुले हुए नौ माह का समय हो चुके हैं लेकिन प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में संचालित मध्याह्न भोजन योजना का खाद्य सुरक्षा भत्ता अभी तक अभिभावकों के खातों में नहीं पहुंच सका है, जिससे अभिभावक चिंतित है। हालांकि विभाग का दावा है कि अब तक तीन चरण के भत्ते की धनराशि करीब 90 फीसदी बच्चों के अभिभावकों के खाते में भेजी जा चुकी है। चौथे चरण की प्रक्रिया गतिमान है।
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कोरोना के चलते स्कूलों को बंद कर दिया गया था ताकि बच्चों को कोरोना की चपेट में आने से बचाया जा सके। इससे परिषदीय स्कूलों में इन दिनों मध्याह्न भोजन नहीं बन सका। मध्याह्न भोजन योजना के तहत भोजन बनाने के लिए जो कन्वर्जन कास्ट दी जाती है, उसको खाद्य सुरक्षा भत्ता के तहत बच्चों के अभिभावकों के खाते में भेजे जाने के निर्देश शासन से दिए गए थे। इसके लिए अभिभावकों के खाते आदि की जानकारी विभाग के द्वारा संग्रहित कराकर ऑनलाइन करा दी गई। प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों को 636 रुपये और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को 901 रुपये की धनराशि दी जानी है। जिला के 2250 परिषदीय स्कूलों में शिक्षासत्र 2021- 22 में 3.07 लाख बच्चे शिक्षारत रहे। इन सभी बच्चों के अभिभावकों के खातों में यह धनराशि भेजी जानी है। कोरोना संकट कम हो जाने पर शासन से लगभग नौ माह पहले स्कूलों को खोल दिया गया, लेकिन अभी तक यह धनराशि अभिभावकों के खातों में नहीं पहुंच सकी है। तीन चरण में करीब 90 फीसद बच्चों के अभिभावकों के खाते में खाद्य सुरक्षा भत्ते की धनराशि भेज दी गई है जबकि चौथे चरण की धनराशि भी शीघ्र ही अभिभावकों के खातों में भेज दी जाएगी।
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-अजीत पाठक, जिला समन्वयक, मिड डे मिल योजना।
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