साथ ही मजदूरों को खाद्यान्न वितरण नहीं किया गया था और मस्टर रोल पर गलत निशानी अंगूठा लगाया गया था। गिरफ्तार अभियुक्त के द्वारा अन्य सहअभियुक्तों से मिलीभगत करके धोखाधड़ी, कूटरचित अभिलेखों के आधार पर शासकीय धन/ खाद्यान्न लगभग 27 लाख रुपया का गबन का अपराध करते हुए खाद्यान्न का वितरण मजदूरों को नहीं किया गया है।
बताया कि ईओडब्लू टीम ने गिरफ्तार अभियुक्त को न्यायालय के सामने पेश कर जेल भेज दिया है। अभियुक्त 2022 में डीडीओ के पद से सुल्तानपुर से रिटायर्ड हुआ है। अभियुक्त सेवानिवृत के बाद पुलिस को बताए गए पत्ते पर निवास नहीं कर रहा था। अभियुक्त खाद्यान्न घोटाले के दो अभियोगों में शामिल रहा है। इस अभियोग में वांछित चल रहा था।