43 वें शहादत दिवस रामानुज विद्यालय प्रधानपुर में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में उनके प्रतिमा माल्या
रसड़ा। गरीबों और शोषितों के लिए जान देने वाले रामानुज के त्याग और बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनके आदर्शों पर चलना और अधूरे कार्यों को पूरा करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
यह बातें खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चंद्र यादव ने सोमवार को रामानुज विद्यालय प्रधानपुर में आयोजित समारोह में कहीं। श्रद्धांजलि सभा में मुख्य अतिथि ने रामानुज की प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने बखरिया डीह के चौड़ीकरण, स्तंभ निर्माण और रामानुज की प्रतिमा की मांग पर सरकार की ओर से कार्य पूरा कराने की घोषणा की।
विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह ने कहा कि रामानुज का सपना भयमुक्त और शोषणविहीन समाज की स्थापना था। वह आज भी समाज के लिए अनुकरणीय है।
इससे पूर्व मुख्य अतिथि ने विद्यालय परिसर में रामानुज की प्रतिमा का अनावरण किया। कार्यक्रम में बिहार की गायिका रवीना रवि रंजन और गाजीपुर के प्रवेश लाल यादव ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
इस मौके पर सतीश सिंह, रमेश सिंह, अभिषेक सिंह रिशु, हरेराम राय, दिनेश राजभर थे। संचालन आयोजक राधेश्याम यादव ने किया।