बलिया-बैरिया मार्ग स्थित टोल टैक्स के समीप एनएच-31 पर लगा बारिश का पानी। संवाद
गंगा व सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सदर तहसील, बांसडीह और बैरिया के 100 से ज्यादा गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। बैरिया में पानी में डूबने से 20 स्कूल बंद कर दिए गए हैं। स्वास्थ्य केंद्र भी डूब गया है।
शहर के महावीर घाट जाने वाले मार्ग पर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के अंडरपास में पानी प्रवेश कर गया है। वहीं, गायत्री मंदिर के मुख्य गेट पर गंगा की धारा दस्तक दे चुकी है। नदी का जलस्तर बढ़ने से निहोरा नगर, गायत्री कालोनी, कंसपुर, वजीरापुर आदि गांवों में करीब 100 से अधिक गांवों में पानी प्रवेश कर गया है। इससे लोग सुरक्षित स्थान पर शरण लिए हुए है।
प्रशासन की तरफ से इन गांवों तक पहुंचने का एक मात्र साधन नाव ही है। कोटवा नारायण पुर से बैरिया तक गंगा नदी के बाढ़ का पानी एनएच-31 बंधे की तरफ बढ़ चला है। प्रशासन की तरफ से राहत सामग्री बाढ़ पीड़ितों के बीच वितरित की जा रही है।
केंद्रीय जल आयोग के गायघाट गेज के अनुसार गंगा का जलस्तर मीडियम फ्लड लेवल को पार करते हुए 59.44 मीटर पहुंच गया है। वर्ष 2016 में दर्ज हाई फ्लड लेवल 60.390 मीटर बताया गया है। बुधवार की शाम को गंगा के जलस्तर में करीब आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी दर्ज की गई। लगातार बढ़ रहे जलस्तर को लेकर ग्रामीणों में बाढ़ की स्थिति और गंभीर होने की आशंका बनी हुई है।
गंगा के उस पार नौरंगा-भुआल छपरा में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। प्राइमरी पाठशाला भुआल छपरा, जूनियर हाईस्कूल नवरंगा, राजकीय इंटर कॉलेज नौरंगा-भुआल छपरा