बेल्थरारोड। सरयू नदी के जलस्तर में निरंतर कमी का सिलसिला जारी है। वहीं, कोइली मोहान ताल बरसाती पानी से भर गया है। ताल का पानी आसपास के गांवों की ओर फैल गया है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, धान की रोपाई बाधित है। हालांकि ताल के पानी की निकासी के लिए पंप कैनाल की स्थापना की गई है लेकिन पंप का मोटर खराब हो जाने से ताल के पानी की नदी की ओर निकासी नहीं हो पा रही है। इसे लेकर किसानों में रोष व्याप्त है।
स्वामी विवेकानंद पीजी कॉलेज सेमरी के प्रबंधक टीएन मिश्रा ने बताया कि कोइली मोहान ताल की जल निकासी के लिए तत्कालीन सांसद रामनगीना मिश्र की पहल पर कांग्रेस सरकार के सिंचाई मंत्री लोकपति त्रिपाठी ने हल्दीरामपुर में 1985 में पंप कैनाल की स्थापना की थी। कुछ दिनों तक पंप चलाने के बाद मोटर जल जाने और अन्य यांत्रिक खराबी के चलते मोटर खराब हो गया। इसके बाद किसी भी जनप्रतिनिधि ने मोटर दुरुस्त कर पंप कैनाल से ताल के पानी की निकासी के लिए दिलचस्पी नहीं दिखाई। फलस्वरूप पंप का संचालन नहीं हो पा रहा। इसके चलते ताल के तटवर्ती महेंदुआ, चंदाडीह, बहुता चक उपाध्याय, शाहपुर, करनी, रछौली आदि एक दर्जन ग्रामों में सैकड़ों कृषि भूमि धान की रोपाई के पहले जलमग्न हो गई है। उन्होंने कैनाल का मोटर दुरुस्त कर ताल के पानी का नदी की ओर निकास कराने की मांग की ताकि किसान धान की रोपाई कर सकें।