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सरयू में बढ़ाव जारी, कई जगह शुरू हुआ कटान

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नवानगर क्षेत्र में कठौड़ा में घाघरा नदी के जलस्तर का निरीक्षण करते एसडीएम सिकंदरपुर अभय कुमार स? - फोटो : BALLIA
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बलिया। लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। खासकर सरयू कहीं कम तो कहीं अधिक बढ़ाव पर है। इसके चलते बेल्थरारोड, सिकंदरपुर, बांसडीह व बैरिया तहसील के तटवर्ती गांवों के लोगों की धड़कनें बढ़ गई हैं। अधिकारियों ने बाढ़ से बचाव को लेकर कार्य शुरू करा दिया है।
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नवानगर में सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान की ओर बढ़ने की सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी सिकंदरपुर अभय कुमार सिंह ने कठौडा बाढ़ क्षेत्र में जाकर जल स्तर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान देखा कि कटान शुरू है। कटान की वजह से पेड़ और कटान वाली मिट्टी नदी में गिर रही है। उन्होंने ग्रामवासियों से कहा कि आप लोग सावधानी बरतें। किसी भी प्रकार की कोई घटना न घटे। कहा कि आप लोग अपने बच्चों और पशुओं को नदी के किनारे जाने से रोकें और मना करें। नाविकों से कहा कि अगर आज के सापेक्ष कल और पानी बढ़ता है तो छोटी नावें नहीं चलेंगी, बस बड़ी नावे चलेंगी। अन्यथा छोटी नाव पकड़े जाने पर कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र के डूहा बिहरा में कटान को रोकने के लिए उपजिलाधिकारी के आदेश पर ईंट उपलब्ध कराई गई। ईंट को बोरी में भर कर कटान वाले स्थान पर रखा जा रहा है। बाढ़ विभाग के जेई और अधिकारियों से बात कर कहा कि अगर किसी भी प्रकार की लापरवाही हुईं तो जांच कराकर कार्रवाई कराई जाएगी।
सीसोटार और खरीद दियारा में भी कटान तेज, कई लोगों का डेरा नदी में समाया
नवानगर। सीसोटार निवासी रामचीज ने कहा कि हम कुछ वर्ष पहले ही अपना छह बिस्वा जमीन बेचकर 14 बिस्वा जमीन दियारा क्षेत्र में खेती करने के लिए खरीदी थी, जिसको नदी अब काट कर गिरा रही है। इसी गांव के मुन्ना यादव ने बताया कि हमारा डेरा दियारा क्षेत्र में। नदी ने हम लोगों का डेरा निगल लिया है। दोबारा हम लोग दूसरी जगह डेरा बनाकर रह रहे हैं, लेकिन नदी इसे भी छीनने पर तुली हुई है। उमेश ने कहा कि हम लोग दियारा में खेती कर अपने परिवार का रोजीरोटी चलाते हैं, लेकिन दिन-प्रतिदिन नदी जमीन को अपने आगोश में ले रही है। क्षेत्र के विक्रमा चौधरी, दया चौधरी, अमर चौधरी, अनिल यादव, सत्येंद्र ने बताया कि हम लोग अपने अपने खेतों में गन्ना, परवल आदि की बोआई की थी। लेकिन घाघरा हम लोगों की जमीन काट कर अपने आगोश में ले रही है जिससे परेशानी बढ़ गई है।
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सरयू लाल निशान से 13 सेमी ऊपर
बेल्थरारोड। पिछले 24 घंटे में एक सेंटीमीटर की मामूली वृद्धि के बाद सरयू नदी के जलस्तर में स्थिरता बनी हुई है। उफनाई नदी के तेवर नरम पड़ जाने से तटवर्ती दर्जनों ग्रामों के हजारों बाशिंदों ने राहत की सांस ली है। मंगलवार की रात एक सेंटीमीटर जलस्तर में वृद्धि दर्ज करने के बाद नदी का पानी लाल निशान से 13 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच कर फिर से स्थिर हो गया। बुधवार को अपराह्न जलस्तर 64.140 मीटर दर्ज किया गया, जो लाल निशान से 13 सेंटीमीटर अधिक है। नदी का पानी तटवर्ती क्षेत्रों में फैल गया है। कई ग्रामों के निकट से होकर पानी बह रहा है। मठिया, गुलौरा आदि ग्राम बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। हाहानाला से टंगुनिया तक कई किलोमीटर विस्तृत भू-भाग में नदी का पानी फैल गया है।
खतरा बिंदु से मात्र 24 सेमी नीचे है सरयू
रेवती। क्षेत्र के दियरांचल में बह रही सरयू नदी के बढ़ने का क्रम जारी है। मंगलवार की शाम चार बजे नदी चांदपुर गेज पर 57.58 मीटर पर थी। बुधवार की शाम चार बजे 8 सेमी की बढ़त दर्ज करते हुए 58.66 मी. पर बह रही थी। खतरा बिंदु 59 मीटर से नदी मात्र 24 सेमी नीचे है। दियरांचल क्षेत्र के ग्रामीणों की चिंता नदी के चढ़ाव उतराव को लेकर बढ़ती घटती है। नदी के बढ़ने से टीएस बंधा के डेंजर जोन के ठीक पास बसे तिलापुर वासी सर्वाधिक परेशान हैं, क्योंकि डेंजर जोन से होकर बह रही नदी अपने उत्तर स्थित ऊंची भूमि से टकराकर सीधे बंधा के डेंजर जोन पर घर्षण करती हुई बहती है। इन ग्रामीणों को सदा इस बात का भय सताता रहता है कि कहीं नदी ने उग्र रूप लिया तो बंधा कभी भी टूट सकता है। उधर, नदी का जलस्तर जब बढ़ता है तो नवका गांव, मठ नाग नाथ, धूपनाथ का डेरा, बैजनाथ का डेरा सहित बंधा के उत्तरी हिस्सा में छिटपुट बसे वाशिंदे सरयू की बाढ़ की पानी से चारो ओर से घिर जाते हैं।
बांसडीह में पांच बाढ़ चौकियां स्थापित
बांसडीह। तहसील क्षेत्र में बाढ़ के दृष्टिगत पांच बाढ़ चौकियों को स्थापित कर दिया गया है। बुधवार को उपजिलाधिकारी दुष्यन्त कुमार मौर्या ने बताया कि सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पांच बाढ़ चौकिया जिसमें रिगवन, सुल्तानपुर, पर्वतपुर, चांदपुर, खेवसर में चौकी स्थापित की गई हैं। इन चौकियों पर क्षेत्रीय लेखपालों को बाढ़ की पल पल की निगरानी और उसकी सूचना उच्चाधिकारियों को देने के लिए निर्देशित किया गया है। उधर, तहसील क्षेत्र अंतर्गत कटान से प्रभावित इलाकों का बुधवार को उपजिलाधिकारी ने रिगवन, ककरघटा, सुल्तानपुर आदि का औचक निरीक्षण किया।
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