बांसडीह। कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत हालपुर गांव में सोमवार की सुबह तेज रफ्तार बोलेरो ने सड़क किनारे खेल रहे पांच वर्षीय आयुष साहनी को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिजन और भारी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने हालपुर में आयुष के शव को बांसडीह-मनियर मुख्य मार्ग पर रखकर पांच घंटे तक जाम लगा दिया।
प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए स्पीड ब्रेकर निर्माण और उच्च अधिकारियों की मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। ग्रामीणों का कहना था कि हालपुर चौराहे पर पूर्व में भी कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन ने आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
हादसे की सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार झा, एसडीएम बांसडीह अभिषेक प्रियदर्शी, क्षेत्राधिकारी रजनीश कुमार, तहसीलदार नितिन कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक संजय सिंह और कई थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गई।
अधिकारियों के काफी देर तक प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण दो प्रमुख मांगों पर डटे रहे। उनका कहना था कि हादसे के स्थल पर तत्काल स्पीड ब्रेकर बनाया जाए। डीएम और और एसपी स्वयं मौके पर आएं और ठोस आश्वासन दें।
गंभीर दबाव और आक्रोश को देखते हुए अधिकारियों को उच्चाधिकारियों से संपर्क करना पड़ा। लगभग पांच घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही। इससे बांसडीह-मनियर मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह ठप हो गया।
पांच घंटे बाद अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार झा और एसडीएम बांसडीह अभिषेक प्रियदर्शी के लिखित आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जाम हटाया।
इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। अधिकारियों ने ब्रेकर निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू कराने और परिवार को मुआवजा दिलाने का वादा किया। एसडीएम ने मौके पर ही पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से बात की और उन्हें मौके पर उपस्थित होने का निर्देश दिया। स्पीड ब्रेकर बनाने की कवायद शुरू कर दी। आयुष की मौत से गांव का माहौल पूरी तरह गमगीन है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। आयुष माता-पिता का इकलौता पुत्र था। मां की हालत देख हर आंख नम हो गई।