पछुआ हवाओं, चिनगारी और विद्युत शार्ट सर्किट ने जिले में रविवार को खूब तबाही बरपाई। कई जगह हुई अगलगी में 45 एकड़ फसलें और 40 से ज्यादा झोपड़ियां जलकर नष्ट हो गईं। महुए का बाग, बंसवार आदि जल गई। घर-गृहस्थी का सारा सामान जलने से कई परिवार खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर हैं। सहतवार में देर से पहुंचने पर अग्निशमन विभाग के खिलाफ लोगों ने गुस्से का इजहार किया और आग बुझाने से रोक दिया।
सहतवार थाना क्षेत्र के कुसहर गांव में रविवार की दोपहर 40 एकड़ गेहूं, अरहर के खेत, महुए का बाग और बंसवारी जलकर राख हो गई। मौके पर देर से पहुंची अग्निशमन विभाग की दमकलों के खिलाफ लोग आक्रोशित हो उठे और आग बुझाने से रोक दिया। लोगों ने कहा कि अगर अग्निश्ामन विभाग वाले समय से आते तो आग पर काबू पाया जा सकता था और इतनी क्षति नहीं होती।
इस घटना में रामजतन तथा हीरानंद के महुआ के बाग से आग की लपटें देख गांव वाले बुझाने में जुट गए लेकिन पछुआ हवा से आग बेकाबू हो गई और रेवती स्थित दह में गेहूं और अरहर के खेत और खलिहान को चपेट में ले लिया।
रामेश्वर सिंह का बाग और बजरंगी सिंह की बंसवारी, अवधेश सिंह का डेरा, प्रमोद कुमार सिंह मुन्ना, अवध, गोरख, प्रभुनाथ, अनगड़ाहित, रामेश्वर, हीरा, अक्षय, मोहन, छितेश्वर, संजय, प्रभु, सुरेंद्र, पूर्णमासी, गोरख, गामा, रामअवतार, देवकुमार, ददन, मुनीब, ओमप्रकाश, गोपाल आदि सहित बजरंगी सिंह, अवधेश सिंह की फसलें राख हो गईं। सूचना के डेढ़ घंटे बाद पहुंचे अग्निशमन दस्ते को लोगों के घेर लिया।
नरहीं के केथौली गांव के ताल में आग से विनोद कुमार राय की चार बीघा गेहूं की फसल राख हो गई। उधर बांसडीह क्षेत्र के गोरझप्पा गांव में रविवार को अगलगी की घटनाओं में चार रिहायशी झोपड़ियां राख हो गईं। जानकारी के अनुसार धीरू की झोपड़ी से उठी आग की लपटों ने गोरख, अनिल और बृजेश की झोपड़ियों और गृहस्थी का सामना जलाकर राख कर दिया।
दोकटी थाने के लच्छुटोला में गणेश गोंड के घर में शार्टसर्किट से लगी आग ने पछुआ हवाओं के चलते विकराल रूप धारण कर लिया और गणेश, मुटन यादव , रामजी यादव, शिवजी शर्मा, रामशरण शर्मा, दहारी, राजधारी, सुरेश के खलिहान, झोपड़ियां सब जल गया।
रसड़ा के मंदा गांव में शार्ट सर्किट से लगी आग में चार रिहायशी झोपडियां जल गईं। अनिल राजभर की झोपड़ी, घरेलू सामान तथा दो बकरियां जल मरीं, संदीप और रणजीत की एक-एक झापड़ी जलने के साथ ही एक दर्जन मुर्गे तथा पांच हजार की