कोरोना महामारी में सरकार की उदासीनता से भूखमरी का दंश झेल रहे वित्त विहीन शिक्षक आगामी विधान सभा चुनाव में प्रदेश सरकार का विरोध करेंगे। यह उद्गार माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के प्रदेश महासचिव डॉ कृष्णमोहन यादव ने डाक बंगला में पत्रकारों से बातचीत के दौरान व्यक्त की।
कहा कि वैश्विक महामारी में सबसे अधिक नुकसान वित्तविहीन विद्यालयों एवं शिक्षकों का हुआ है। विद्यालय बंद होने से भूखमरी का दंश झेल रहे सैकड़ों वित्त विहीन शिक्षकों एवं उनके परिजनों ने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया। कोरोना काल में बेबसी के शिकार इन शिक्षकों की कितनी दुर्दशा हो रही है। यह बात किसी से कुछ छिपा नहीं है। प्रदेश की योगी सरकार इनकी कोई परवाह न कर असंवेदनशीलता का परिचय देती आ रही है। सरकार द्वारा वित्त विहीन शिक्षकों का मानदेय भी रोक दिया गया जबकि ठेला खोमचे, रोज कमाने खाने वालों, मनरेगा मजदूरों को इस महामारी में कुछ न कुछ राहत दे रही है। संगठन शुरू से वित्तविहीन शिक्षकों को मानदेय देने व सेवा नियमावली में परिवर्तन कर इन्हें लाभ देने की मांग करता आ रहा है। यदि सरकार हमारी जायज मांगों पर अमल नहीं करती है तो आने वाले चुनाव में वित्त विहीन शिक्षक सरकार का विरोध करेंगे।