सुखपुरा। क्षेत्र के बसंतपुर गांव में शुक्रवार की रात चिडि़या मारने को लेकर दो पक्षों में मारपीट हुई। इस दौरान लाठी-डंडे और पथराव भी हुआ। संयोग अच्छा रहा कि कोई जख्मी नहीं हुआ। इस दौरान मौके पर पहुंची 112 नंबर पुलिस की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। मामले में पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ शांतिभंग की धारा में मुकदमा दर्ज किया। वहीं दूसरी तरफ पीआरबी 3068 गाड़ी का शीशा टूटने पर अज्ञात 20 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने दोनों पक्षों के नौ लोगों को हिरासत में लिया है।
राजभर बस्ती के कुछ युवक सुरहा ताल में चंद्रशेखर विश्वविद्यालय से कुछ ही दूरी पर हमेशा चिडि़यों का शिकार करते थे। इसकी जानकारी अन्य बिरादरी के लड़कों को हुई तो उन्होंने वन दारोगा को जानकारी दी। वन दारोगा ने दोनों पक्ष के लोगों को समझा-बुझाकर भविष्य में चिडि़या नहीं मारने की हिदायत दी और मारी गई चिडि़यों का बंटवारा करा दिया। वन दारोगा को दी गई सूचना से खार खाए राजभर बस्ती के युवकों ने शुक्रवार की शाम टहलने गए लड़कों से पूछताछ की। इसको लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। इसी बीच सूचना पर 112 नंबर की पुलिस गाड़ी मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास कर रही थी कि राजभर बस्ती से दर्जनों की संख्या में महिलाएं और पुरुष लाठी-डंडे, ईंट पत्थर से लैस होकर आए और गांव के लड़कों व पुलिस पर हमला बोल दिया। पथराव के दौरान 112 नंबर की पुलिस की गाड़ी का शीशा टूट गया। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने किसी तरह अपनी जान बचाई और इसकी सूचना उन्होंने उच्चाधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही सीओ सिटी समेत कई थाने की फोर्स मौके पर पहुंच गई। इसके बाद दोनों पक्षों से नौ लोगों को हिरासत में लेकर थाने आई। गांव में तनाव के कारण एहतियातन पुलिस फोर्स लगा दी गई है।