क्षेत्र के बस स्टेशन चौराहा करीब एक दशक से जाम के झाम से कराह रहा है। जिधर भी नजर जाती है उधर ठेले वाले, खोमचे वाले बेतरतीब अपने ठेले लगाकर अतिक्रमण कर लिए हैं। फलस्वरूप रास्ता संकीर्ण हो गया है। कभी-कभी तो अगल-बगल दो राहगीरों के लिए पैदल चलना भी दूभर हो जाता है।
कस्बा के बस स्टेशन चौराहा करीब एक दशक से जाम से जूझ रहा है। ठेले-खोमचे तथा प्राइवेट वाहन चालकों की मनमानी का आलम यह है कि बस स्टैंड से बलिया-सोनवली मार्ग, बस स्टेशन से मनियर मार्ग, बस स्टेशन से बेल्थरारोड, बस स्टेशन से बालूपुर रोड, बस स्टेशन के मुख्य बाजार जाने वाली सड़कों पर जहां-तहां बेतरतीब तरीके से वाहन खड़ा कर दे रहा है या फिर ठेला-खोमचा लगा रहे हैं। फलस्वरूप सुबह सात बजते-बजते पूरा कस्बा जाम के जंजाल में फंस जा रहा है।
जिससे राहगीर समय से अपने गंतव्य को नहीं पहुंच पा रहे हैं। लोगों का आरोप है कि पुलिस सब कुछ जानती है, बावजूद इन पर कार्रवाई करना मुनासिब नहीं समझ रही है।
एसडीएम सिकंदरपुर दिवेश कुमार गुप्त का कहना है कि जाम के झाम से जल्द ही लोगों को मुक्ति मिलेगी। अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया जाएगा। किसी को भी सड़क पर कब्जा कर ट्रैफि क बिगाड़ने नहीं दिया जाएगा।