बलिया। ऐतिहासिक ददरी मेले में चहल-पहल बढ़ने लगी है। बृहस्पतिवार को मौत के कुएं में बाइक करतबबाजों को देखने के लिए उमड़ी भीड़ ने तालियां बजाकर आनंद उठाया। बृहस्पतिवार को भारतेंदु कला मंच पूरी तरह से तैयार हो गया ।
अभी मेला में बनने वाले चौराहों को सजाने का कार्य तेज हो गया है। चार लेन में लगे मेले में दो लेन में भीड़ कम पहुंच पा रही है। दिन में ग्रामीण क्षेत्र के लोग परिवार के साथ पहुंच कर जमकर आनंद उठा रहे है। बृहस्पतिवार को महिलाओं ने जमकर खरीदारी की, इससे दुकानदार भी खुशहाल दिखे। हालांकि पूरी तरह मेला में भीड़ के लिए दुकानदारों को रविवार का इंतजार तो है लेकिन अब वे पहले की तरह से मायूस नहीं दिख रहे हैं। लोगों ने झूला व मौत के कुआं का खूब आनंद उठाया।
महर्षि भृगु मुनि के शिष्य दर्दर मुनि के नाम पर लगने वाले ददरी मेला में जिले के साथ ही बिहार के भी लोग आते है। मेले में गैर प्रांत और जनपदों से बड़ी-बड़ी दुकानें आई है। जिसमें कंबल, रजाई, चादर लेकर दुकानदार चंडीगढ़ से आए हुए हैं। वहीं, मेले में क्राकरी, स्टील, फाइबर की दुकानें भी शोभा बढ़ाने लगी है। सहारनपुर में लकड़ियों से बने फर्नीचर की भी मांग खूब है।
की काष्ठ कला पर खरीदारी के लिए लोग उमड़ रहे हैं। ठंड बढ़ने के चलते मेले में गर्म कपड़ों की दुकानों पर भीड़ दिखाई देने लगी है। दुकानदारों ने बताया कि एक रविवार निकल गया, अब मेले के दूसरे रविवार का इंतजार है।
15 नवंबर से मेले में एशिया की दिखेंगी जलपरी, सुनामी झूला चालू
बलिया। ददरी मेला में इस वर्ष एशिया की जलपरी दिखाई देंगी। इसमें इंडोनेशिया, इजिप्ट व थाईलैंड से एक-एक व केरल और चेन्नई से तीन-तीन परियां आ रही है। जलपरी आइटम 15 नवंबर तक चालू करने की कवायद तेज हो गई है। परियों के लिए जार में पानी भरने का कार्य तेज हो गया है। इन जार में आरओ को पानी भरा रहेगा ताकि उन्हें किसी तरह का संक्रमण न हो। एक बार में 60 हजार लीटर पानी जार में भरा जाता है, उसे तीन दिन में बदला जाता है। इसके अंदर प्रवेश कर परियां पानी के अंदर अपनी कला का प्रदर्शन करेंगी। इसके लिए 80 रुपये प्रति व्यक्ति धनराशि निर्धारित की गई है। ददरी मेले में पहली बार जलपरी को लेकर लोगों में काफी उत्सुकता है। मेला में आने वाला हर व्यक्ति जलपरी आइटम की चर्चा जरूर कर रहा है। झूला संचालक हितांशु दीक्षित ने बताया कि 25 व 25 सीटर तीन-तीन झूला हैं। 5 झूला बड़ा है। लगभग सभी चालू हो गए हैं। जलपरी दोपहर में 12 बजे चालू होगा और रात 10 बजे तक चलेगा।
अच्छी दुकान लगाने वाले दुकानदार होंगे सम्मानित
ददरी मेला में प्रथम बार दुकान व्यवसायियों को सम्मानित किया जाएगा। दुकानों को मानक के अनुरूप लगाने वाले प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार ददरी मंच से समापन के दिन सम्मानित किया जाएगा। सीआरओ त्रिभुवन ने बताया कि इसमें वेंडर जोन, खान-पान, मनोरंजन, सौंदर्य प्रसाधन, गृहस्थ वस्तुएं बर्तन आदि, वस्त्र, ऊनी वस्त्र, लकड़ी का सामान, गृह साज सज्जा, बाल वस्तु यथा खिलौने, पुस्तक, देशी वस्तुएं चोखा बाटी, खाजला आदि शामिल हैं। बताया कि दुकानों का चयन जिलाधिकारी की तरफ से तैनात सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेट करेंगे। इसमें चयन का आधार शुद्धता या मानकता, आकर्षण, ग्राहक व्यवहार, स्वच्छता और कूड़ा प्रबंधन, कैटरिंग सेवा शामिल है। वेंडिंग जोन के ठेले, पटरी पर दुकान लगाने वाले के साथ बड़े दुकानदारों को सम्मानित किया जाएगा।
उभरते कलाकारों के लिए होने लगा रजिस्ट्रेशन ददरी मेला के भारतेंदु कला मंच पर उभारते प्रतिभाओं को भी मौका मिलेगा। कलाकारों को मंच देने के लिए रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की गई है। उभरते कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इसमें बलिया के कलाकारों को शामिल किया जाएगा। इसमें गायन, नृत्य, वादन, नाटक, कवि, हास्य कलाकार अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे मोबाइल 9792281554 ददरी मेला सांस्कृतिक मंच पर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।