बाढ़ की विभीषिका से जगदीशपुर गांव के लोग उबर भी नहीं पाए थे कि अचानक पलट प्रवाह से गंगा में हुए कटान ने शनिवार देर रात तीन मकानों को आगोश में ले लिया। कई परिवारों को सामान निकालने तक का समय नहीं मिला। नाविकों ने कुछ सामानों को नदी से बहते हुए निकाला। ग्रामीणांे ने आरोप लगाया कि सूचना के बाद भी कोई अधिकारी नहीं पहुंचा।
जगदीशपुर गांव के लोगों को शनिवार की शाम अचानक आई गंगा नदी के बैकरोलिंग कटान से उमेश पांडेय, अवधेश पांडेय, राजू पांडेय, बब्लू पांडेय, दीपू पांडेय, त्रिलोकी पांडेय, त्रिभुवन पांडेय, कपिल मुनि पांडेय का आशियाना गंगा अपने आगोश में ले लिया। कटान देर रात तक चलती रही। अचानक कटान से लोग अपना सामान भी नहीं निकाल पाए। कुछ सामान तो गंगा में चला गया और कुछ सामानों को नाविकों के द्वारा निकाला गया। कटान ने किसी को कुछ करने का मौका तक नहीं दिया।
दो मंजिला मकान देखते ही देखते नदी में विलीन हो गई है। बगल के लोग भी अपना-अपना सामान व मवेशियों के साथ बाहर खेतों में आ गए और रात भर दहशत की जिंदगी बिताने को विवश हो गए। वहीं ग्राम प्रधान सुमेर सिंह व क्षेत्रीय लेखपाल लक्ष्मण सिंह कटान स्थल पहुंचे ओर पीड़ितों को तिरपाल दिया। लेकिन ग्रामीणों की सूचना मिलने के बाद भी उप जिलाधिकारी तहसीलदार, नायब तहसीलदार मौके पर नहीं पहुंचे। लोगों ने कई बार उप डीएम को फोन किया लेकिन बात नहीं हुई। बाद में डीएम से इस संदर्भ में बात की हुई। देरशाम तक कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे।