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किसानों ने लिया स्टे, सुरक्षा बांध का निर्माण अधर में

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जयप्रकाशनगर। समाजवाद के पुरोधा व सम्पूर्ण क्रांति के अग्रज रहे जयप्रकाश नारायण के पैतृक गांव सिताबदियारा के वाशिंदों को इस वर्ष भी गंगा व सरयू नदी की बाढ़ व कटान के दंश राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। क्योंकि सरयू नदी किनारे रिंग बांध के लिए विभाग की ओर से जो जमीन चिह्नित किया गया है, किसानों ने न्यायालय से स्थगन आदेश ले लिया है।
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सिताबदियारा में यूपी की कोड़रहा नौबरार (जयप्रकाश नगर ) गंगा किनारे तो वहीं इब्राहिमाबाद नौबरार (अठगांवा ) सरयू नदी के मुहाने पर बसा है। वहीं बिहार के सारण (छपरा ) जनपद का सिताबदियारा पंचायत सरयू नदी तो प्रभुनाथ नगर पंचायत गंगा नदी के समीप बसा हुआ है। ये चारों पंचायतों के बाशिंदे कई दशकों से दोनों नदियों के कोप भाजन के शिकार होते चले आ रहे हैं। इसी सिताबदियारा को इन नदियों से सुरक्षित करने के लिए दोनों राज्यों की सरकारों में बहुत जद्दोजहद होने के बाद 130 करोड़ की सुरक्षा बांध के निर्माण कार्य की स्वीकृति वर्ष 20 16-17 में दोनों सरकारों द्वारा दिया गया। करीब चार किलोमीटर की दूरी में सुरक्षा बांध का निर्माण होना था। बिहार राज्य अपनी सीमा के लिए वर्ष 2018 में ही 8599.30 लाख रुपये की स्वीकृति दे दी और बिहार राज्य की सीमा में सुरक्षा बांध का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया। लेकिन यूपी की सीमा में निर्माण होने वाला सुरक्षा बांध जो गंगा किनारे 2300 मीटर व सरयू नदी के किनारे 1175 मीटर में निर्माण होना था जिसकी कुल लागत 40.4976 करोड़ रुपये थी। लेकिन इस धन के सापेक्ष में वित्तीय वर्ष 2017 /18 के मार्च माह में मात्र दो करोड़ रुपये ही अवमुक्त किए गए जिससे वर्ष 2018 में ही गंगा किनारे करीब 650 मीटर तक सुरक्षा बांध का निर्माण कराकर धन के अभाव में बंद हो गया। पुन: सरकार द्वारा कई किस्तों में करीब 25 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। जिससे करीब 65 प्रतिशत निर्माण कार्य हुआ।इसके बाद बाढ़ आ गई और ठेकेदारों द्वारा कार्य बंद कर दिया गया। बाढ़ समाप्त होने के बावजूद ठेकेदार पुन: जब निर्माण कार्य पुन: शुरू नहीं किए तो बाढ़ खंड एक्सईएन द्वारा करीब दो माह पूर्व नोटिस जारी की गई तब जाकर ठेकेदारों द्वारा रिंग बांध का निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया। लेकिन अभी भी सरयू नदी के किनारे करीब छह सौ मीटर दूरी में जिस भूमि पर रिंग बांध का निर्माण होना है उस जमीन के किसानों द्वारा न्यायालय से स्थगन आदेश ले लिया गया है। जिसके कारण उस जमीन पर रिंग बांध का निर्माण नहीं हो सकेगा। यदि यह किसान नहीं माने तो इस वर्ष भी सिताबदियारा वासियों को बाढ़ व कटान का दंश झेलना पड़ेगा।
एक दर्जन से अधिक गांव हो जाएंगे सुरक्षित
जयप्रकाशनगर। रिंग बांध का कार्य पूरा होने के बाद यूपी सीमा के विकास खंड मुरली छपरा अतर्गत इब्राहिमाबाद नौबरार पंचायत के रामेश्वर टोला, सुफल टोला, घूरी टोला, नवका टोला का कुछ हिस्सा, बड़का सुफल टोला, शिनारायण टोला, दलेल टोला व कोड़हरा नौबरार पंचायत के भवन टोला, सठिया सुरक्षित हो जाएंगे। इसके अलावा बिहार सीमा के सिताबदियारा पंचायत के आलेख टोला, गरीबा टोला, रामनगर, रावल टोला, चैन छपरा, छोटका बैजू टोला, शोभा छपरा, लाला टोला, रामेश्वर टोला, इसी क्षेत्र के प्रभुनाथनगर पंचायत के दक्षिणवारी चक्की, उत्तरवारी चक्की आदि गांव बाढ़ से सुरक्षित होंगे। इन गांवों से अब कटान की दूरी बहुत कम रह गई है।
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सिताबदियारा को गंगा व सरयू नदी की कटान से सुरक्षित करने के लिए दोनों तरफ काफी तेजी से निर्माण कार्य करवाए जा रहे हैं ताकि सिताबदियारा के बाशिंदों को बाढ़ व कटान से मुक्ति मिल सके। कुछ किसानों द्वारा व्यवधान जरूर पैदा किया गया है जिनसे वार्ता हो रही है। उम्मीद है कि बहुत जल्द यह अवरोध भी समाप्त हो जाएगा।
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- संजय कुमार मिश्रा, एक्सइएन ,बाढ़ खंड, बलिया।
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