बैरिया तहसील परिसर में मुआवजे की मांग को लेकर आयोजित प्रदर्शन में शामिल किसान।संवाद
बैरिया। अतिवृष्टि से खरीफ की फसल की भारी क्षति और मोंथा तूफान से दलहनी, तिलहनी और सब्जी की फसलों की हुए नुकसान के मुआवजे की मांग को लेकर क्षेत्र के किसानों ने भाजपा नेता डॉ. विपुलेंद्र प्रताप सिंह के अगुवाई में बैरिया तहसील पर शुक्रवार को प्रदर्शन किया।
मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी बैरिया को सौंपा। किसानों की भारी भीड़ के चलते पूरा तहसील परिसर खचाखच भरा हुआ था। एनएच-31 पर भी लंबा जाम लग गया। डॉ. विपुलेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि उक्त प्राकृतिक आपदा के बावजूद सरकारी अमले ने मौके पर जाकर सर्वे नहीं किया है। अगर किया भी गया है तो दोषपूर्ण तरीके से किया गया। उन्होंने खेती की लागत की चर्चा की। कहा कि किसानों को लागत और उत्पादन के अनुपात में मुआवजा मिलना चाहिए। सरकार प्रति एकड़ तीन क्विंटल अनाज उत्पादन के हिसाब से क्षतिपूर्ति देने की बात कर रही है, जबकि एक एकड़ में औसतन 25 क्विंटल खाद्यान्न उत्पन्न होता है। एमएसपी के रेट से किसानों को इस अनुपात में मुआवजा दिया जाना चाहिए। किसानों ने भी अपने विचार रखे और प्रशासन से तत्काल मुआवजा की मांग की।
किसानों के बीच ज्ञापन लेने पहुंचे उपजिलाधिकारी आलोक प्रताप सिंह ने ज्ञापन को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का भरोसा दिया। एक सप्ताह का समय मांगा। कहा कि 1076 किसानों की सूची भेजा हूं। शेष की सूची तैयार हो रही है। जहां के किसान सर्वे से संतुष्ट नही वे लिखित आपत्ति करें दोबारा सर्वे करा दूंगा। इससे पहले सोनबरसा के प्रदुम्न बाबा के मंदिर परिसर में किसान एकत्र हुए। वहां से जुलूस की शक्ल में पैदल बैरिया तहसील परिसर पहुंचे। किसानों की भीड़ के चलते एनएच-31 पर पांच किलोमीटर लंबा जाम लग गया। इसे समाप्त कराने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।