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31 तक तीनों कानूनों की वापसी न हो तो आर-पार की लड़ाई लड़ने की कर लें तैयारी: रामगोविंद

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बांसडीह ब्लाक क्षेत्र के सैदपुर गांव में आयोजित घेरा चौपाल को संबोधित करते नेता प्रतिपक्ष रामगो - फोटो : BALLIA
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बांसडीह। ब्लॉक के सैदपुरा स्थित बाबा सैदनाथ मंदिर पर सोमवार को किसान घेरा चौपाल कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने कहा कि 31 दिसंबर तक भारत सरकार विवादस्पद तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती है और न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी शक्ल नहीं देती है तो बलियावासी और समाजवादी पार्टी के साथी आर-पार की लड़ाई लड़ने की तैयारी करें। इस मामले में और अधिक विलंब न तो किसानों के हित में है और न देश के।
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उन्होंने कहा कि भारत किसानों का देश है। किसानी इस देश की आत्मा है। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी इसे पुलिस के बल पर कारपोरेट का देश बनाना चाहते हैं। दोनों माननीय इस देश की आत्मा को कुचलना चाहते हैं। इसे किसी कीमत पर सफल नहीं होने देना है। इस देश की आत्मा की रक्षा के लिए हमलोग बड़ी से बड़ी कुर्बानी देने के लिए तैयार रहें। दिल्ली बार्डर पर डटे किसानों को सैल्यूट करते हुए उन्होंने कहा कि आप किसान कारपोरेट की जंजीरों को तोड़ने की लड़ाई लड़ रहे हैं। इस लड़ाई में केवल बलिया नहीं, इस देश का हर किसान आंदोलनकारी किसानों के साथ है। वह 29 दिसंबर के प्रस्ताव पर नजर गड़ाए हैं। भारत सरकार के पास अवसर है। वह चाहे तो इस अवसर पर तीनों कानूनों की वापसी और न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी शक्ल देकर मंगलवार को ऐतिहासिक मंगलवार बना सकती है। उन्होंने कहा कि कारपोरेट के मोह में भारत सरकार उक्त एलान नहीं करती है तो किसान संगठन 31 दिसंबर से राष्ट्रीय स्तर पर आरपार की लड़ाई की घोषणा करें। इस आरपार की लड़ाई में समाजवादी पार्टी हर स्तर पर किसानों के साथ रहेगी। उन्होंने कहा कि यह देश है वीर जवानों का, मजदूरों और किसानों का, भारत सरकार इस देश को कारपोरेट का देश बनाने की जिद छोड़े और कारपोरेट की गुलामी करने की जगह किसानी और किसान की रक्षा करने का संकल्प ले। इस मौके पर पूर्व जिलाध्यक्ष यशपाल सिंह, विधानसभा अध्यक्ष सपा हरेंद्र सिंह, अशोक यादव, रविंद्र सिंह, संकल्प सिंह, रमेश सिंह, यशराम सिंह, अनिल यादव, छितेश्वर सिंह, विदेशी लाल, चंदन सिंह, लालू यादव, अरविंद राजभर, प्रवीण सिंह, उपेंद्र मिश्र, सुजीत सिंह परिहार, कवि मदन, विजय चौधरी, मुन्ना गुप्ता, राजू राजभर आदि रहे। अध्यक्षता लालसाहब सिंह और संचालन हरेंद्र सिंह ने किया।
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