जनपद में प्राथमिक तथा जूनियर विद्यालयों की बाढ़ आ गई है। मानकों की अनदेखी कर बिना मान्यता ही सैकड़ों विद्यालय संचालित हो रहे हैं। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी ने गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों की जांच कर अवैध पाये गये विद्यालयों को बंद कराकर नोटिस भी थमाया था। लेकिन विद्यालय प्रबंधकों पर कोई असर नहीं हुआ।
परिषदीय विद्यालयों की तर्ज पर सैकड़ों विद्यालय बिना मान्यता ही चलाए जा रहे हैं। गांव से लगायत शहर के पॉश इलाकों तक ऐसे संचालित विद्यालयों को देखा जा सकता है। इस तरह से प्राथमिक तथा उच्च प्राथमिक विद्यालय दोनों ही बिना मान्यता चल रहे हैं।
शासन के आदेश पर ऐसे विद्यालयों के खिलाफ मुहिम चलाने का आदेश दिया गया था। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी राकेश सिंह द्वारा अप्रैल में इसके विरुद्ध अभियान चलाया गया था। जिसमें करीब 250 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय फर्जी पाये गये थे।
बिना मान्यता के चल रहे फर्जी विद्यालयों को बीएसए द्वारा बंद करा दिया गया था। साथ ही बीएसए ने बिना मान्यता वाले विद्यालयों को स्पष्टीकरण नोटिस भी जारी किया था। लेकिन बंद कराये गये विद्यालयों में से अधिकतर स्कूल कुछ ही दिन बाद खुल गये। इनके अलावे सैकड़ों अन्य विद्यालय बिना मान्यता चलाये जा रहे हैं जिनकी भनक शिक्षा विभाग तक को नहीं है।