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नगरा नगर पंचायत बनने पर शामिल गांवों को मिलेंगी सुविधाएं

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नगरा। नगरा नगर पंचायत बनने के बाद नगरा ब्लॉक की जहां तस्वीर बदल जाएगी वहीं नगर पंचायत में शामिल गांवों के ग्रामीणों को कई सुविधाएं भी मिलने लगेंगी। हालांकि जिले के सबसे बड़े ब्लॉक का तमगा विकास खंड नगरा के पास ही रहेगा। 31 मार्च तक तीन ग्राम पंचायतें अस्तित्व में है और एक अप्रैल यह ग्राम पंचायतें नगर पंचायत में तब्दील हो जाएंगी। नगर पंचायत से जुड़े लोग नगर के विकास की योजनाएं बनाने में जुट गए हैं।
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नगरा नगर पंचायत तीन ग्राम पंचायतें नगरा, चचयां एवं भंडारी को मिलाकर अस्तित्व में आई है। तीन ग्राम पंचायतों में छोटे बड़े दस गांव शामिल हैं। तीनों ग्राम पंचायतों की आबादी 20500 है। इसी आबादी एवं नगरा से सटे होने के कारण ग्राम पंचायतों को नगर पंचायत में शामिल किया गया है। नगर पंचायत के अस्तित्व में आने में एक माह शेष है लेकिन नगर पंचायत से जुड़े लोग नगरा नगर पंचायत के विकास का खाका खींचने में जुट गए हैं। नगर पंचायत के वार्डो के गठन की भी कवायद जारी है। बताया जाता है कि डेढ़ हजार की आबादी पर एक वार्ड का गठन नगर पंचायत में किया जाता है। इस प्रकार आबादी के हिसाब से नगरा नगर पंचायत में 13 वार्डो का गठन हो सकता है। वैसे तो नगरा ग्राम पंचायत पहले से ही विकसित ग्राम पंचायत है, जहां ब्लॉक, थाना, डाकखाना, तीन अस्पताल, पांच बैंक, आंगनबाड़ी कार्यालय, पानी टंकी, चार पेट्रोल पम्प, पांच डिग्री कालेज के अलावा कई इंटर कॉलेज संचालित है। नगर पंचायत बनने से अन्य विकास की अपेक्षाएं लोगो की बढ़ गई है। नगर पंचायत बनने के बाद इन तीन ग्राम पंचायतों के लोगों को नगरीय सुविधाएं मिलने लगेंगी। उधर, पहले से ही जिले के सबसे बड़े ब्लॉक में शुमार नगरा अभी भी बड़ा ब्लॉक बना रहेगा। विकास खंड नगरा में कुल 97 ग्राम पंचायतें थी। तीन ग्राम पंचायतों का अस्तित्व नगर पंचायत में बदलने के बाद भी 94 ग्राम पंचायत शेष बच रही हैं जो जिले के सभी ब्लॉकों से अधिक है।
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