सिकंदरपुर। भाकपा (माले) ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हादसे में मौतों पर संवेदना व्यक्त की है। पार्टी ने कहा कि ट्रेन हादसों में मौतें रेल विभाग की लचर व्यवस्था का गवाह हैं। पार्टी ने रेलमंत्री को पद से हटाए जाने की मांग की है।
राज्य सम्मेलन में सचिव द्वारा पिछले तीन साल के कामकाज की पेश की गई रिपोर्ट पर दूसरे दिन बहस जारी रही। 45 पृष्ठों की रिपोर्ट पर 57 प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी। सुझावों व संशोधनों को शामिल करते हुए रिपोर्ट सर्वसम्मति से पारित की गई। बाद में सम्मेलन से राजनीतिक प्रस्ताव पारित किए गए। एक प्रस्ताव में अमेरिका से हथकड़ियों और जंजीरों में वापस भेजे गए प्रवासी भारतीयों के साथ अमेरिकी सरकार के क्रूर अपराधियों जैसे व्यवहार और मोदी सरकार द्वारा ट्रंप प्रशासन के बचाव की निंदा की गई। प्रस्ताव में मांग की गई कि केंद्र सरकार भारतीय नागरिकों के साथ दुर्व्यवहार पर विरोध दर्ज कराए।
संसद में डॉ. बीआर अंबेडकर के अपमान करने वाली टिप्पणी की निंदा की गई। प्रयागराज महाकुंभ में हादसों में मौतों के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराते मुआवजा देने, दोषियों को दंडित करने की मांग की गई। बिजली के निजीकरण पर फौरन रोक लगाने की मांग की गई।
मनरेगा में काम के दिन व मजदूरी दर बढ़ाने, शहरी गरीबों के लिए मनरेगा जैसी योजना लागू करने और न्यूनतम मजदूरी दर 35,000 रुपये प्रति माह करने की मांग की गई।
संभल में हिंसा के गुनहगारों को दंडित करने की मांग की गई। सम्मेलन में भूमि अधिग्रहण व विस्थापन, बिजली निजीकरण, माइक्रो फाइनेंस के कर्ज, वनाधिकार कानून आदि मुद्दों पर राज्य स्तरीय आंदोलन का निर्णय लिया गया। सुधाकर यादव फिर सर्वसम्मति से राज्य सचिव चुने गए।