बहुजन मुक्ति पार्टी के राष्ट्रीय आह्वान पर जिला इकाई कार्यकर्ताओं ने ईवीएम की शव यात्रा मंगलवार को निकाली। नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर ईवीएम का पुतला फूंका। कार्यकर्ताओं ने ईवीएम से वोटिंग का विरोध किया।
वक्ताओं ने कहा कि इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन के द्वारा चुनाव में हर बार घोटाला होता है। डा. सुब्रह्मण्यम स्वामी ने पहले 2011 में दिल्ली हाईकोर्ट में और 2012 में सुप्रीम कोर्ट में इसके विरोध में केस दाखिल कर साबित भी किया कि इवीएम घोटाला करके कांग्रेस जीती है।
कहा कि इस प्रकरण में बारीकी से अध्ययन करने के बाद अपने आदेश में कहा है कि दोनों पक्षों द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और सबूतों का अध्ययन करने के पश्चात हम इस नतीजे पर पहुंचे है कि मुक्त एवं निष्पक्ष चुनाव के लिए पेपर ट्रेल अनिवार्य है। जिस पर चुनाव आयोग व सुप्रीम कोर्ट में केस ले जाने वाले डा. स्वामी ने कहा था कि इवीएम में पेपर ट्रेल लगाए बगैर फ्री फेयर एंड ट्रांसपैरेंट नहीं हो सकता।