हत्या के मामले में दो आरोपियों को कोर्ट ने आजीवन कारावास व अर्थदंड की सजा दी है।मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम अश्विनी कुमार सिंह की अदालत में हुई। अभियोजन के अनुसार रसड़ा थाना क्षेत्र के रौराचावर निवासी वादिनी मृतक की बेटी कुमारी रानी ने रसड़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 21 जून 2003 को शाम सात बजे मेरे पिता शंभूनाथ राजभर और मैं अपने खेत के मेढ़ पर बैठकर खेत की देखभाल कर रहे थे। इसी बीच मेरे ही गांव के मधुवन राजभर और विरोधी राजभर ने मुझे गाली देने लगे। मेरे पिता ने मना किया तो विरोधी ने अपने हाथ में लिए कट्टे से फायर कर दिया। जिससे मेरे पिता घायल होकर जमीन पर गिर गए। मेरे चिल्लाने पर गांव के रूगदी पत्नी स्वामीनाथ व बहुत से लोग आए और मेरे पिता को अस्पताल ले गए, जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस मामले में सुनवाई करते हुए अभियोजन साक्ष्य का न्यायिक परिसीलन करते हुए आरोपी विरोधी राजभर और मधुवन राजभर को आजीवन कारावास व दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अभियोजन की ओर से एडीजीसी हर्ष नारायण प्रसाद ने अभियोजन पक्ष रखा। बचाव पक्ष से हरेंद्र सिंह ने किया।