अपात्रों को धड़ल्ले से इंदिरा आवास मिल रहे हैं...ये सुनने में भले ही आपको अटपटा लगे लेकिन ये हम नहीं कह रहे हैं, ये आंकड़ों का सच है। 2010 से 15 तक इंदिरा आवास के आवंटन में जमकर धांधली की गई है। इन पांच वर्षों में अकेले एक गांवमें 66 अपात्रों को इंदिरा आवास आवंटित किए गए ।
यानी हर वर्ष औसतन 13 मामले। पूरा मामला बैरिया विकास खंड के बलिहार गांव का है। ग्राम प्रधान व सचिव द्वारा जमकर धांधली का नतीजा है कि एक ही कोड पर दो अपात्रों को आवास आवंटित किया गया है। इसके अलावा एसटी/एसएसटी का कोटा भी अन्य के दे दिया। मामला खुलने पर अब सीडीओ ने टीम गठित कर जांच का आदेश दिया है।
बलिहार गांव निवासी रविंद्र मिश्र ने इंदिरा आवास में धांधली के बाबत मुख्य विकास अधिकारी और जिलाधिकारी को शिकायती पत्र दिया था। जांच में ये मामला प्रकाश में आया है। आंकड़ों की माने तो 2010-11 में कुल 25 पात्रों को चयन किया गया, जिसमें तीन अपात्रों को इंदिरा आवास आवंटित किया गया।
इस प्रकार 2011-12 में कुल 42 लोगों को इंदिरा आवास के लिए चयनित किया गया, जिसमें 14 अपात्रों को आवास मिले। वहीं 2012-13 में कुल 59 लोगों का चयन किया गया, जिसमें 20 अपात्रों को आवास आवंटित किया गया। वर्ष 2013-14 में 68 लोगों को आवास के लिए चयनित किया गया।
जिसमें सात अपात्रों को चयनित किया गया। इसी क्रम में वर्ष 2014-15 में कुल 43 पात्रों को चयनित किया गया, जिसमें 22 अपात्रों को आवास आवंटित किया गया। 2014-15 में सबसे अधिक अपात्रों को आवास दिए गए । आलम यह है कि एक ही कोड पर दो पात्रों को इंदिरा आवास आवंटित किया गया है।
इसमें प्रधान और सचिव द्वारा जमकर धन की बंदरबांट की गई है। इस प्रकरण की जांच के लिए बलिहार निवासी रविंद्र मिश्र ने सीडीओ और जिलाधिकारी को पत्रक सौंप दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है।