जनपद के विभिन्न ब्लाकों में किसानों को भेदभावपूर्ण तरीके से सूखा राहत चेक दिए जाने के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। भाजपा जिलाध्यक्ष देवेंद्र यादव के नेतृत्व में पहुंचे भाजपाइयों ने बगैर भेदभाव के किसानों को राहत सहायता चेक वितरित करने के साथ ही अन्य सुविधाएं दिलाने की मांग की।
इस मौके पर फेफना विधायक उपेंद्र तिवारी ने कहा कि ओलावृष्टि एवं बारिश से बर्बाद हुए फसलों के राहत सहायता चेक वितरण में सत्ता पक्ष के नेताओं के इशारे पर जिले के किसानों से भेदभाव किया जा रहा है। जो लोकतंत्र के लिए शर्मनाक है। जबकि प्रधानमंत्री द्वारा 33 फीसदी नुकसान वाले किसानों को भी सहायता प्रदान करने की बात कही जा चुकी है।
कहा कि प्रदेश के सरकार की लचर व्यवस्था के कारण गेहूं खरीद के मानक में भी शिथिलता बरतने के साथ ही गेहूं क्रय केंद्र बंद कर दिया गया है। इसको लेकर किसानों में काफी नाराजगी है। जिलाध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि किसानों के नुकसान फसलों के सर्वे में भी सर्वे टीम द्वारा मनमानी की गई है।
नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित रूप से जमकर बिजली कटौती की जा रही है। ट्रांसफार्मर जलने और बिजली खराबी आम बात हो गई है। बिजली र्दु्व्यवस्था के कारण जनता को पानी जैसे मूलभूत सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है। कहा कि जले में हत्या, लूट, बलात्कार एवं चोरी और छिनैती की घटनाओं में आए दिन इजाफा हो रहा है।
पुलिस प्रशासन किसी भी घटना का खुलासा नहीं कर पा रहा है। अपराधियों के खुलेआम घूमने और घटनाओं के अंजाम देने से आमजन भयग्रस्त है। इस मौके पर विनोद शंकर दुबे, सुरेंदं्र सिंह, प्रमिला गुप्ता, मनोज तिवारी, सुनीता श्रीवास्तव, प्रदीप, भूपेंद्र सिंह, अनूप चौबे, आनंद स्वरूप शुक्ल, अंजनी राय, कमलेश पांडेय, माया शंकर राय आदि रहे।