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Ballia News: हर माह समीक्षा फिर भी 23 वर्ष से नदियों पर पुलों के निर्माण में सुस्ती

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बलिया। सरकार जहां आवागमन सुगम बनाने को लेकर लगातार कवायद कर रही है। वहीं, जिले में नदियों पर पुलों का निर्माण सुस्त गति से चल रहा है। लगभग 22-23 वर्ष पहले अलग-अलग क्षेत्रों में शासन की ओर से दो छोटी नदियों पर तीन पुलों के निर्माण के लिए कुल 36.14 करोड़ की स्वीकृति दी गई। लेकिन इन पुलों का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। कोई दो तो कोई सात वर्ष पहले की स्वीकृत है। जबकि समय-समय पर इनकी समय सीमा में वृद्धि भी की गई। इसके अलावा गंगा पर नौरंगा में बन रहे पुल का निर्माण भी सुस्त गति से चल रहा है।

जिले में आवागमन को सुगम बनाने के साथ ही इंटरस्टेट कनेक्टिविटी के लिए गंगा, सरयू, टोंस व मगई नदी पर पुल निर्माण के लिए शासन की ओर से की गई कवायद अभी तक रंग नहीं ला सकी है। पुलों के निर्माण की जिम्मेदारी जहां राज्य सेतु निगम को दी गई है। वहीं बतौर नोडल लोक निर्माण को बनाया गया है। हर माह उच्चाधिकारियों की ओर से निर्माण कार्यों को लेकर समीक्षा की जाती है लेकिन पुलों के निर्माण का कार्य रफ्तार नहीं पकड़ सका है।
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वर्ष 2020 में शासन की ओर से मगई नदी पर नरही गांव के सामने पुल निर्माण कराने के लिए स्वीकृति मिली। इसके बाद वर्ष 2021 में मगई नदी पर कथरिया-फिरोजपुर के बीच तथा टोंस नदी पर चितबड़ागांव-पक्की कोर्ट के बीच पुल निर्माण की स्वीकृति मिली। इन तीनों पुलों के निर्माण के लिए कुल 36.14 करोड़ की स्वीकृति के साथ ही शासन की ओर से कुल 32.55 करोड़ अवमुक्त कर दिया गया।
धनराशि मिलने के बाद उत्तर प्रदेश सेतु निगम ने तीनों पुलों पर काम भी शुरू कर दिया था। इसमें दो पुलों के निर्माण के लिए 31 मार्च 2023 समय सीमा भी निर्धारित थी। हालांकि बाद में मगई नदी पर निर्माणाधीन दो पुलों के निर्माण की समय सीमा बढ़कर 30 जून 2023 की गई लेकिन इसके बावजूद इन पुलों का निर्माण पूरा नहीं हो सका। अब इनके पूरा होने की नई समय सीमा 31 दिसंबर 2023 कर दी गई है।
इसी तरह एक पुल का निर्माण 31 दिसंबर 2023 तक पूरा करने की समय सीमा पहले से ही तय है। इन तीनों पुलों के निर्माण की गति अभी भी काफी सुस्त है। उधर, गंगा नदी पर शिवपुर-नौरंगा के सामने यूपी-बिहार को जोड़ने के लिए वर्ष 2016 में कुल 884.40 मीटर लंबे सेतु के निर्माण के लिए 233.54 करोड़ की स्वीकृति मिली। इसमें 182.09 करोड़ सेतु निर्माण पर व 41.45 लाख पहुंच मांर्ग पर खर्च होना है। कार्य चल रहा है लेकिन गति काफी सुस्त है। हालांकि यह पुल अप्रैल 2024 तक बनेगा।

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एक माह पहले पुल का गिर गया था बीम, जांच जारी

एक माह पहले फिरोजपुर में मगई नदी पर निर्माणाधीन पुल का 83 फुट लंबा बीम सेटरिंग हटाते ही नीचे गिर पड़ा। इसके बाद से ही सेतु निगम के अफसर लीपापोती में जुट गए। अधिकारी बेयरिंग लॉक टूटने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिए। मौके पर सेतु निगम के आला अधिकारी भी पहुंचे और जांच के लिए निगम के सीपीएम गोरखपुर को जिम्मेदारी दी। लेकिन अब तक इसका खुलासा नहीं हो सका। ऐसे में इस पुल के निर्माण पर अभी भी ग्रहण लगा हुआ है।-
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पुलों के निर्माण को लेकर समय-समय पर समीक्षा की जाती है और उच्चाधिकारियों की ओर से सेतु निगम के अफसरों को निर्देश भी जारी किया जाता है। बरसात के दिनों में कार्य प्रभावित रहा, अब कार्य तेजी से चल रहा है।



- सीपी गुप्ता, अधीक्षण अभियंता, लोक निर्माण विभाग, बलिया।
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