कैसा लगेगा जब मरने के बाद भी परिजनों को मोबाइल पर ये मैसेज आए कि कांग्राचुलेशन यू हैव सक्सेसफुल कम्लीप्ट द आफ आल डोज आफ कोविड-19 वैक्सीन। परिजनों को भले ही बुरा लगे, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की मेहरबानी से ऐसा हो रहा है। कोविड-19 वैक्सीनेशन पिछड़े जनपद की कागजों पर हालत सुधारे में अधिकारी इतने तन्मयता से लग गए हैं कि मरे हुए लोगों को भी दूसरी डोज लगने की बधाई दी जा रही है। एक तरफ मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं, परिजनों ने इसकी शिकायत पोर्टल पर की है।
कोविड-19 वैक्सीन में जनपद प्रदेश में सबसे निचले पायदान पर है। जिला प्रशासन पर भी वैक्सीनेशन की गति बढ़ाने के लिए दबाव बढ़ा है। दबाव और निचले पायदान से ऊपर आने के लिए दूसरा तरीका अपना लिया गया है। रोजाना होने वाले वैक्सीनेशन के साथ फर्जी वैक्सीनेशन की तादाद में भी इजाफा हुआ है। कई क्षेत्र से शिकायतें मिल रही हैं कि बिना लगवाए दूसरा डोज लगवाए मैसेज आ रहे हैं।
मामला ब्लाक बेलहरी के ग्राम पंचायत पिंडारी अंतर्गत बसुधरपाह निवासी राजवंती पांडेय (56) पत्नी चंद्रभूषण पांडेय का है। दो अप्रैल 2021 को कोविशील्ड का पहला डोज सीएचसी सोनवानी पर लगा था। दूसरा डोज लेने के लिए 29 मई 2021 को बुलाया गया था। इसी बीच 29 मई 2021 को ही हृदयगति रुकने से उनकी मौत हो गई। उन्हें वैक्सीन का दूसरा डोज नहीं लग सका। 22 दिसंबर 2021 दोपहर में राजवंती पान्डेय के घर के मोबाइल नंबर 9839351070 पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से मैसेज आया। लिखा था कि डीयर राजवंती पान्डेय, कान्ग्रचुलेशन यू हैव सक्सेसफुल कम्पलीट द आफ आल डोज आफ कोविड -19 वैक्सीन। यू कैन डाउनलोड योर सर्टिफिकेट। इसके बाद सर्टिफिकेट डाउनलोड किया तो 22 दिसंबर 2021 को कोविशील्ड टीका लगाने की बात सामने आई। स्वास्थ्य विभाग की इस गलती से परिजनों को राजवंती पांडेय की मौत का दर्द एक बार फिर ताजा हो गया। उनके भतीजे सुशांत कुमार पान्डेय ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का यह कृत्य भावानात्मक रुप से कष्ट देने वाला व निंदनीय है।
मामले की जांच की जिम्मेदारी सीएचसी सोनवानी के अधीक्षक को सौंपी गई है। किसकी गलती से ये मैसेज गया है रिपोर्ट आते ही मामले की कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. तन्मय कक्कड़, सीएमओ