जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में जांच करती ईओडब्लू वाराणसी की टीम।
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बलिया। जिले के 22 विद्यालयों के 85 सरप्लस शिक्षकों के भुगतान के मामले में चल रही जांच के तहत ईओडब्ल्यू वाराणसी की टीम ने दूसरे दिन मंगलवार को भी डीआईओएस कार्यालय में पत्रावलियों की जांच की। साथ ही नोटिस जारी कर अभिलेख मांगे। इसके अलावा टीम ने संबंधित विद्यालयों के प्रबंधकों और शिक्षकों से पूछताछ की और नोटिस जारी कर अभिलेख मांगा।
वर्ष 2011 में यह विवाद सामने आया कि जिले के कई स्कूलों में सरप्लस शिक्षक काम कर रहे हैं और वेतन ले रहे हैं। इसके बाद तत्कालीन डीआईओएस प्रमोद कुमार ने अभिलेखों की जांच की और 102 शिक्षकों को सरप्लस मानते हुए शासन को रिपोर्ट भेजी थी। इसके बाद मामले की जांच शुरू हुई जो अब भी चल रही है। तत्कालीन डीआईओएस की रिपोर्ट के बाद जिले में हंगामा मच गया और शिक्षकों ने भी अपनी बात शासन स्तर पर रखी। इसके बाद वर्ष 2012-13 में मामले की जांच के लिए शासन ने कमेटी गठित की। इसमें शिक्षा विभाग के निदेशक, वित्त नियंत्रक, संयुक्त निदेशक व डीआईओएस रहे। कमेटी के सामने संबंधित स्कूलों के प्रबंधक व शिक्षकों ने अपने अभिलेख प्रस्तुत किए। कमेटी ने जांच में वर्ष 1971 व 1981 के जनशक्ति निर्धारण को भी खंगाला था और इसके आधार पर 55 स्कूलों में हुई नियुक्ति को सही माना था और अधिकांश शिक्षक फिर काम करने लगे। इसके बाद भी यह विवाद चलता रहा।
अधिकारियों की मानें तो करीब चार माह पहले भी शासन की ओर से इस प्रकरण की जांच के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग के जेडी व एडी की संयुक्त कमेटी बनाई। इसमें 85 के सापेक्ष मात्र 41 शिक्षक ही पहुंचे। कमेटी ने इसमें से 8 को शिक्षकों को ही सही माना। इस बीच यह मामला एक बार फिर हाईकोर्ट पहुंचा जिसमें 20 जनवरी को सरकार की ओर से हलफनामा दायर किया जाना है। इसको लेकर सोमवार को एकबार फिर ईओडब्ल्यू वाराणसी के प्रभारी निरीक्षक कृष्ण मुरारी मिश्र के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पहुंची और 22 विद्यालयों के 85 सरप्लस शिक्षकों से संबंधित पत्रावलियों को खंगाला। घंटों तक पत्रावलियों को खंगालने के बाद टीम ने सभी विद्यालय व शिक्षकों को नोटिस भेज मामले से संबंधित अभिलेख लेकर आने को कहा। मंगलवार को कई शिक्षक व स्कूल के प्रबंधक अभिलेख लेकर डीआईओएस कार्यालय पहुंचे तो टीम ने उनसे पूछताछ की। बताया जाता है कि टीम अभी जिले में ही रहेगी जांच पूरी करके ही जाएगी। इसको लेकर विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। इस बाबत जिला विद्यालय निरीक्षक भास्कर मिश्र ने बताया कि ईओडब्ल्यू की टीम कार्यालय में आई है और पुराने प्रकरण की जांच में जुटी है।