पिछले कई दिनों से चल रहा शिक्षामित्रों का आंदोलन बुधवार को खत्म हो गया। इसके साथ ही शिक्षामित्र स्कूलों में पहुंचकर पठन-पाठन शुरू कर दिेए। इससे स्कूलों की रौनक लौट आई। जिन स्कूलों में अभी तक ताले लटक रहे थे, वहां सुबह से ही चहल-पहल थी। वहीं, शिक्षामित्र संघर्ष समिति ने आंदोलन में समर्थन करने वाले विभिन्न शिक्षक व कर्मचारी संगठनों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। वक्ताआें ने कहा कि सरकार के आश्वासन पर धरना को 15 दिन के लिए स्थगित किया गया है। बात नहीं बनी तो निर्णायक विरोध-प्रदर्शन पुन: शुरू कर दिया जाएगा।
सर्वोच्च न्यायालय से समायोजन रद होने के बाद से प्रदेश भर के शिक्षामित्र आंदोलित थे। इसके तहत बलिया के शिक्षामित्रों का धरना बीएसए कार्यालय परिसर में चल रहा था। धरने के चलते बीएसए कार्यालय भी पूरी तरह बंद रहा। शिक्षामित्रों के समर्थन में जिले के लगभग सभी शिक्षक-कर्मचारी संगठन कूद पड़े थे। इस बीच, मंगलवार को शिक्षामित्रों के प्रदेश प्रतिनिधि से मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी की मुलाकात हुई। अधिकतर बिन्दुओं पर सहमति बन जाने के बाद शिक्षामित्रों ने धरना-प्रदर्शन स्थगित कर बुधवार को स्कूलों पर पहुंच पठन-पाठन में जुट गए।
इधर, शिक्षामित्र संघर्ष समिति ने बुधवार को बीएसए कार्यालय प्रांगण में समर्थन करने वाले सभी संगठनों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए भविष्य में भी सहयोग की अपेक्षा की। इस दौरान श्रमिक समन्वय समिति के जिलाध्यक्ष बलवंत सिंह, मंत्री अजय सिंह, प्राशिसं के संरक्षक सुरेन्द्र सिंह, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के मंत्री वेदप्रकाश पांडेय, प्राशिसं के जिलाध्यक्ष जितेन्द्र सिंह, सफाई कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर, सीनियर बेसिक शिक्षक संघ के रविन्द्र सिंह, राजेश साहनी, काशीनाथ यादव, सरल यादव, पंकज सिंह, जितेन्द्र राय, राजू यादव, श्यामनंदन मिश्र, परशुराम यादव, देवेन्द्र प्रसाद, चन्द्रभानु सिंह, इंद्रजीत यादव, लक्ष्मण उपाध्याय, सुनील सिंह, दीपक उपाध्याय, चन्द्रशेखर सिंह, मधु सिंह, शोभा सिंह, मंजू उपाध्याय, बेबी चौबे, नीतू उपाध्याय, अर्चना रहे।