कोरोना के दूसरे म्युटेंट का प्रभाव कम होने के बाद हुए अनलॉक में अब सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों और फरियादियों की तादाद धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों का चक्कर लगाने लगे हैं। वहीं, शासन के निर्देश के बावजूद अभी भी दफ्तरों में सरकारी मुलाजिमों की मौजूदगी मायूस करने वाली है। इससे जिले के सुदूर क्षेत्रों से आने वाले लोगों को काफी हद तक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ ऐसा ही नजारा शुक्रवार को विकास भवन में नजर आया, जहां ना तो किसी अधिकारी की मौजूदगी दिखी और ना ही कार्यालयों में कमचारी ही दिखें। अधिकांश कुर्सियां खाली नजर आईं। जबकि एकाध विभागों में इक्का-दुक्का कर्मचारी काम करते मिले। इससे फरियादियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इतना ही नहीं कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना तो दूर की बात रही, लोगों ने मॉस्क और सोशल डिस्टेसिंग का पालन करना भी जरुरी नहीं समझा। अलबत्ता विकास भवन के प्रवेश द्वार पर सैनिटाइजर रख कर सरकारी नुमाइंदों ने अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली थी।
समय : दिन के 12.10 बजे
स्थान-विकास भवन का प्रवेश द्वार
आम तौर लोगों की आवाजाही के कारण व्यस्त रहने वाला विकास भवन का प्रवेश द्वार शुक्रवार को खाली नजर आया। हालांकि कुछ लोगों की चहल कदमी से वहां का माहौल जरुर गुलजार रहा,लेकिन यहां ना तो आने-जाने वालों की थर्मल स्क्रीनिंग हो रही थी और ना ही कोरोना से बचाव के मास्क के प्रयोग की अनिवार्यता पर बल दिया जा रहा था। अलबत्ता एक कर्मचारी टेबल पर सैनिटाइजर रख समय काटता जरुर दिखा।
समय : दिन के 12.20 बजे
स्थान- डीपीआरओ कार्यालय
बीते पंचायत चुनाव में प्रत्याशियों और उनके प्रतिनिधियों की चहलकदमी और कर्मचारियों की मौजूदगी से गुलजार रहने वाला जिला पंचायती राज अधिकारी कार्यालय भी शुक्रवार को सूना दिखा। यहां महज चार से पांच कर्मचारी मौजूद दिखें, लेकिन उनमें भी एक को छोड़ कर शेष ने कोरोना प्रोटोकाल तो दूर मास्क लगाना भी जरूरी नहीं समझा। इस कारण यहां आने वाले लोग भी कोरोना गाइड लाइन की धज्जियां उड़ाते दिखे।
समय : दिन के 12.30 बजे
स्थान- जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी कक्ष
जनपद के दिव्यांगजनों के कल्याणार्थ संचालित योजनाओं को अमलीजामा पहनाने और उनकी समस्याओं के समाधान का जिम्मा उठाने वाले जिला दिव्यांजन सशक्तीकरण अधिकारी का कक्ष खाली दिखा। इस दौरान एक फरियादी जरूर अधिकारी का इंतजार करता मिला, लेकिन अधिकारी के कक्ष में नहीं होने से अधिकांश लोगों को बैरंग घर लौटना पड़ा।
समय : 12.40 बजे
स्थान- डीपीआरओ कार्यालय
विकास भवन के ग्राउंड तल पर स्थित डीपीआरओ कार्यालय में काम करने वाले कर्मचारी शुक्रवार को कोरोना से बेपरवाह दिखे। आलम यह रहा कि यहां काम करने वाले कर्मचारियों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना और मास्क लगाना भी जरूरी नहीं समझा, जिससे संक्रमण के फैलाव का अंदेशा नजर आया।