आरईएस विभाग के एक्सईएन राशिमणि मिश्रा के साथ मारपीट के मामले में आरोपियों पर कार्रवाई न होने से नाराज कर्मचारियों और अधिकारियों का प्रदर्शन तीसरे दिन शनिवार को भी जारी रहा। विकास भवन के दफ्तरों के ताले नहीं खुले। इससे कामकाज प्रभावित होने लगा है। डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ ने चेतावनी दी है कि अगर 31 मई तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो पहली जून से सभी ब्लाकों पर भी तालाबंदी की जाएगी।
विकास भवन पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि हम आरोपी ठेकेदारों की गिरफ्तारी होने तक आंदोलन जारी रखने का निर्णय ले चुके हैं। कहा कि प्रशासन की चाटुकारिता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसने एक्सईएन की तहरीर के अनुसार सुसंगत धाराएं तक नहीं लगाई और ठेकेदार की तहरीर पर उल्टे एक्सईएन के खिलाफ एससीएसटी एक्ट के तहत फर्जी मुकदमा लाद दिया। सोमवार से सभी ब्लाक के कार्यालयों पर भी तालाबंदी कराई जाएगी। कहा कि ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के एक्सईएन के आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर कार्रवाई की जाए और दोनों फर्मों को काली सूची में डालते हुए फर्मों के प्रोपराइटर्स का चरित्र प्रमाण पत्र निरस्त किया जाए। इसके अलावा विकास भवन में स्थित ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के साथ ही अन्य स्थापित कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों और अधिकारियों की अराजकतत्वों से सुरक्षा प्रदान करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इस मौके पर ई. अवध किशोर गुप्ता, ई. सतेंद्र पांडेय, महामंत्री अविनाश उपाध्याय, अवर अभियंता लल्लन सिंह, ई. उदय शंकर सिंह, ई. अनिल कुमार राय, ई. रामनाथ ठाकुर, अवर अभियंता आफताब अहमद, अवर अभियंता इरफान उल्लाह, अवर अभियंता श्रीनिवास, अवर अभियंता श्याम बिहारी समेत कर्मचारी और अधिकारी मौजूद रहे।