जिलाधिकारी मुरली मनोहर लाल ने शनिवार को शहर की पेयजल व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने जगदीशपुर, भृगु आश्रम और आवास विकास कालोनी स्थित पानी की टंकियों और ट्यूबवेल को चेक किया। निरीक्षण के दौरान ढेर सारी खामियां पाई गईं।
लापरवाही पर आवास विकास स्थित ट्यूबवेल पर तैनात कर्मचारी मोहन सिंह को निलंबित करने का निर्देश दिया। मातहतों को भी कड़ी फटकार लगाई। चेतावनी दी कि कार्य में सुधार नहीं होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी अचानक भृगु आश्रम स्थित पानी टंकी का जायजा लेने पहुंचे तो वहां कई शिकायतकर्ता जुटे हुए थे। मौके पर ही उन्होंने विभाग के कर्मचारियों की शिकायत शुरू कर दी। डीएम ने पाया कि टंकी के पास काफी गंदगी है। पानी टंकी से पानी रिस रहा है। वाल्व खराब तो है ही, वहां लाग बुक तक नहीं बना हुआ है।
इस पर डीएम ने आपरेटर को फटकार लगाई। अवर अभियंता अपूर्व पांडेय को भी जमकर फटकारा। चेताया कि एक सप्ताह के भीतर कार्य में सुधार नहीं आया तो नगर पालिका कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई तय है। इसके बाद डीएम ने जगदीशपुर स्थित पानी टंकी का जायजा लिया। वहां जलकल कार्यालय का जायजा लेने के बाद डीएम आवास विकास कालोनी पहुंच गए। जहां पर ताला बंद मिलने के बाद अवर अभियंता को निर्देश दिया कि ड्यूटी पर तैनात कर्मी के खिलाफ कार्रवाई करें। कालोनी स्थित एक ट्यूबवेल पर गए तो वहां अभी एक कर्मी ट्यूबवेल का ताला खोल रहा था। कारण पूछने पर बताया कि दो बजे से ही उसकी ड्यूटी शुरू होती है। इसके पहले ड्यूटी पर तैनात मोहन सिंह गायब था। इतना ही नहीं कई दिनों से लागबुक पर एक बजे ही रवानगी दिखाया गया था।
जिलाधिकारी ने मोहन सिंह को तत्काल निलंबित करने का आदेश दिया। वहां पर जेई अपूर्व पांडेय को चेतावनी दी कि स्थिति में सुधार लाएं अन्यथा कार्रवाई के लिए स्वयं जिम्मेदार होंगे। इस मौके पर उपजिलाधिकारी बच्चा लाल मौर्य, एक्सईएन फणींद्र राय सहित अन्य विभागीय अफसर मौजूद थे।