बलिया। महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए हर स्तर से पहल हो रही है। अब पात्र गृहस्थी व अंत्योदय कार्डधारक महिलाओं को समूह से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
एनआरएलएम के तहत पात्र गृहस्थी और अंत्योदय कार्डधारक परिवारों की महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने के लिए गांवों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। समूह से जोड़े जाने के बाद उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एनआरएलएम के माध्यम से सरकार अब गरीब और जरूरतमंद परिवारों की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दे रही है।
जिले में लगभग 4,77,960 परिवार पात्र गृहस्थी और4,77,960 परिवार अंत्योदय कार्डधारक हैं। इन परिवारों की स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसमें सिलाई, अचार-पापड़ बनाने और हस्तशिल्प का दिया जाएगा प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसके लिए ब्लाॅक स्तर पर टीम का भी गठन किया गया है। गठित यह टीम गांव-गांव जाकर महिलाओं को समूह बनाने, बैंक लोन, प्रशिक्षण और सरकारी योजनाओं की जानकारी देंगी। इसके बाद टीम के सदस्य राशन वितरक और ग्राम पंचायत सचिव से मिलकर कार्डधारक महिलाओं की सूची बनाएंगे। एनआरएलएम के रिचा सिंह ने बताया कि स्वरोजगार से जोड़ने की पहल तेज हो गई है।