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बिजली की अघोषित कटौती से शहर से गांव तक के लोग बेहाल

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बलिया। जिले में शहर से लेकर ग्रामीण इलाके तक अघोषित बिजली कटौती से शहर से लेकर गांव तक के लोग बेहाल हैं। उमस भरी गर्मी में बिजली की कटौती से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार की शाम से लेकर आधी रात तक शहर में बिजली की कटौती होने से लोग देर रात तक छतों व सड़कों पर टहलते रहे।
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पिछले दो-तीन दिनों से शहर से लेकर गांवों तक बिजली की अंधाधुंध कटौती हो रही है। आलम यह है कि शहर में निर्धारित रोस्टर 24 घंटेे के स्थान पर 15 से 17 घंटे आपूर्ति हो रही है। सोमवार की रात को नौ बजे गायब हुई बिजली रात 12.10 बजे आई और मंगलवार को सुबह सात बजे फिर कट गई। मंगलवार को पूरे दिन बिजली के आने-जाने का सिलसिला चलता रहा। इसके चलते पड़ रही उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल हैं। सोमवार की रात बिजली के नहीं रहने के कारण लोग छतों व सड़कों पर देर रात टहलते रहे।
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राज्यमंत्री ने विद्युत आपूर्ति को लेकर दिए निर्देश
बलिया। संसदीय कार्य ग्राम्य विकास राज्यमंत्री आनन्द स्वरूप शुक्ल ने लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण गृह में विद्युत विभाग के अधिकारियों से व्यवस्था में सुधार को लेकर बैठक की। इसमें अधीक्षण अभियन्ता, अधिशासी अभियन्ता द्वितीय, चतुर्थ व समस्त अवर अभियंता थे। राज्यमंत्री शुक्ल ने विधानसभा क्षेत्र बलिया नगर में निर्बाध रूप से विद्युत संचालन के लिए ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि, जर्जर तार को बदलने, ढीले पड़े तारो के सुदृढ़ीकरण व ट्रांसफार्मर के जलने पर त्वरित बदलने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिया कि अनावश्यक कटौती की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए।
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उमस भरी गर्मी में अघोषित विद्युत कटौती से लोग परेशान
चौकिया मोड़। उमस व भीषण गर्मी के मौसम में बिजली की अघोषित कटौती से लोग बेहाल हैं। लगातार तीन-चार दिनों से नगर समेत क्षेत्र में बिजली कटौती व लो वोल्टेज के चलते लोगों को काफी परेशानी झेलना पड़ रहा है। बिजली की अघोषित कटौती के चलते जनमानस के बीच जनाक्रोश है। बिजली की ट्रिपिंग के अलावा लो वोल्टेज की समस्या आम बात हो गई है।
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बिजली की कटौती के चलते धान की नर्सरी तैयार करने में किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। क्योंकि डीजल के दाम बढ़ने के चलते किसान विद्युत संचालित ट्यूबवेल पर ही निर्धारित है। वहीं पानी के अभाव में धान की नर्सरी अब सूखने लगी है।
- शाहिद भाई
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बिजली की अघोषित कटौती तो आम बात हो गई है। इसके अलावे नगर क्षेत्र में मच्छरों के आतंक के चलते रात को लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नगर के गंदे नालों की समय से सफाई न होने चलते एवं मच्छररोधी दवा के छिड़काव कम मात्रा में होने के चलते मच्छरों ने लोगों रात की नींद हराम कर दिया है।
- विनोद कुमार पप्पू
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हल्की हवा व बरसात के बाद बिजली आपूर्ति ठप हो जाना आम बात है। इस समस्या से विभाग उबर नहीं पा रही है। वहीं इस उमस भरी गर्मी में विद्युत की कटौती से लोगों को काफी दकिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा दक्कित घर में रहने वाली महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गो को रही है।
- मिंटू कुमार
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ओवरलोड के चलते बहुत तेजी से बिजली का फॉल्ट होता है। इसके चलते कई घंटों तक आपूर्ति बाधित रहती है। वहीं दूसरी तरफ विद्युत आपूर्ति कभी भी लगातार आठ घंटे तक नहीं हो पाती है। आपूर्ति होती ही कटौती का सिलसिला पूरे रात चलती रहती है।
- अभय यादव
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बिना ट्रांसफार्मर लगाए ही कर दिया शिकायत का निस्तारण
फेफना। बिजली विभाग शिकायतों का निपटारा मनमानी तरीके से करने लगा है। ट्रांसफार्मर जलने की शिकायत पर शिकायत का निवारण कर खानापूर्ति कर दी गई कि ट्रांसफार्मर लग गया जबकि वास्तव में ट्रांफार्मर लगना तो दूर वर्कशॉप में ट्रांफार्मर ही नहीं है। शुक्रवार की रात थमह्नपुरा ग्राम का 100 केवीए का ट्रांफार्मर व एचटी तरार जल गया। अगले दिन विभाग द्वारा वही जला हुआ तार फिर से लगा दिया गया, लेकिन ट्रांसफार्मर नहीं लगाया गया। ट्रांसफार्मर के लिए जनता द्वारा की गई शिकायत संख्या पर भी सोमवार की शाम मैसेज आया कि योर कम्प्लेन इज रिसॉल्वड, जबकि ट्रांसफार्मर लगना तो दूर, वर्कशॉप के इंचार्ज प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि स्टोर में 100 केवीए का ट्रांसफार्मर अभी उपलब्ध नहीं है। इस बाबत एसडीओ से बात करने पर भी उन्होंने पल्ला झाड़ लिया। चार दिन से ट्रांसफार्मर जला है भीषण गर्मी में लोग परेशान हैं।
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आठ से 10 घंटे ही मिल रही आपूर्ति
रतसर। उमस भरी गर्मी के प्रचंड होते ही बिजली आपूर्ति बेपटरी हो गई है । रोस्टर ध्वस्त हो गया है और ऊपर से लो वोल्टेज की समस्या ने कोढ़ में खाज वाली कहावत को चरितार्थ कर दिया है। बिजली है भी तो लो वोल्टेज की स्थिति ऐसी है कि एलईडी बल्व का रोशन होना भी मुश्किल है। 18 घंटे के एवज में मात्र 8 से10 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। इस संबंध में जेई मनोज वर्मा ने बताया कि जरुरी सामानों की किल्लत होने से ऐसी समस्या है जल्द ही समस्या का समाधान करा दिया जाएगा।
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उपकेंद्र पर लोग पहुंच कर बंद करा देते हैं आपूर्ति
सुखपुरा। सब स्टेशन सुखपुरा पूरी तरह भगवान भरोसे हो चुका है। जब किसी का जी चाहा आकर आपूर्ति भंग करा देता है आपूर्ति घंटों बाधित रहता है। कर्मचारी मूकदर्शक बने रहते हैं। वैसे यहां प्रदेश सरकार के 18 घंटे बिजली देने का दावा पूरी तरह फेल है। इसमें भी जब बिजली आती है तो फाल्ट के वजह से जिन क्षेत्रों में बिजली नहीं जाती उन क्षेत्रों के लोग सब स्टेशन पर धमक जाते हैं कर्मचारियों से गाली गलौज कर आपूर्ति बंद करा देते हैं। सब स्टेशन के निर्माण के समय ही यहां तीन फीडर बनाए जाने थे जिसमें सुखपुरा टाउन के लिए अलग फीडर बनाए जाने का प्रस्ताव था। लेकिन बरसों बीत गए सुखपुरा टाउन के लिए अलग फीडर नहीं बन पाया। लिहाजा सुखपुरा को अन्य फीडर से जोड़ दिया गया है। जिसके कारण सुखपुरा की लाइन बार-बार बाधित होती रहती है। सोमवार की रात भी बाहर के गांव के लोगों ने आकर आपूर्ति 4 घंटे बाधित कर रखी थी। पुलिस के हस्तक्षेप से रात 12 बजे आपूर्ति बहाल हो सकी।
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कभी ब्रेकडाउन कभी अन्य फॉल्ट से हो रही आपूर्ति बाधित
सिकंदरपुर। सरकार चाहे बिजली सुधारने की लाख दावे कर ले लेकिन धरातल पर इसका कोई प्रभाव पड़ने वाला नहीं है। इस भीषण गर्मी में लोग जहां रात में चैन से सो भी नहीं पा रहे हैं। वही दिन में छोटे छोटे कारोबारियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आलम यह है कि ब्रेकडाउन तो कभी अन्य फाल्टों के कारण शहर वासियों व गांव वासियों को रोस्टर के अनुरूप भी बिजली नसीब नहीं हो पा रही है। कितने घंटे बिजली मिलेगी यह तो कर्मचारी भी नहीं बता पाते हैं। इसके साथ ही साथ पेयजल का संकट भी बढ़ता जा रहा है। इस बाबत एसडीओ ने बताया कि सिकंदरपुर उपकेंद्र पर तीन से चार दिनों से कुछ काम चलने की वजह से बिजली में कटौती हो रही है, बहुत जल्द बिजली व्यवस्था सुचारू रूप से शुरू कर दिया जाएगा।
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तेज गर्मी के कारण डिमांड बढ़ी है जिससे ओवरलोड होने से आपूर्ति बाधित हो रही है। शहर में कई जगह नाला निर्माण व विद्युत उपकेंद्रों पर मरम्मत कार्य चल रहे हैं। इनकी वजह से भी आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
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- विवेक खन्ना, अधीक्षण अभियंता, विद्युत
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