इसके पीछे उनका तर्क है कि दयाशंकर की सांगठनिक पकड़ की बदौलत ही वर्ष 2017 में पार्टी ने उनकी पत्नी स्वाती सिंह को ना सिर्फ महिला मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया था बल्कि उन्हें लखनऊ के सरोजनी नगर विधानसभा से चुनाव लड़ाकर योगी सरकार-1 में मंत्री पद भी दिया था।
ऐसे में अब जब स्वयं दयाशंकर विधायक हैं तो पार्टी में पकड़ और पहुंच का लाभ मिलना लाजिमी है। इसके अलावा बांसडीह सीट पर पहली बार कमल खिलाने वाली और प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष रहे रामगोविंद चौधरी को पटखनी देकर विधानसभा की दहलीज पार करने वाली केतकी सिंह को भी योगी सरकार-2 में मंत्री पद से नवाजे जाने की चर्चा तेज है।
हालांकि इसके पीछे उनके समर्थक सपा के हैवीवेट नेता को हराने का तर्क दे रहे हैं। लेकिन वह निषाद पार्टी की कोटे में हैं और इस पर निर्णय निषाद पार्टी को भी करना है। कोटे में जगह मिल गई तो बलिया में फिर दो मंत्री मिल सकते हैं।
लेकिन सरकार गठन के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जिले से किसे योगी सरकार-2 में शामिल होने का अवसर प्राप्त होता है। अगर सोशल मीडिया पर चल रही खबरों पर गौर करें तो भले ही योगी सरकार में मंत्री रहे उपेंद्र तिवारी और आनंद स्वरुप शुक्ल अपनी सीट बचाने में विफल रहे हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर उन्हें योगी सरकार-2 में मंत्री पद मिलने की चर्चाएं काफी तेज हैं।