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रेलवे स्टेशन पर लगाए चुनाव बहिष्कार के पोस्टर

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रेवती। स्थानीय रेलवे स्टेशन को रेल विभाग की ओर से हाल्ट घोषित किए जाने से क्षेत्रीयजनों में आक्रोश पनप ही रहा है। इसे लेकर कस्बे के विभिन्न स्थानों पर स्टेशन नहीं तो वोट नहीं का पोस्टर चस्पा किया गया है।
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अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल की स्थानीय इकाई, केसरवानी वैश्य समाज, किसान मोर्चा तथा क्षेत्रवासियों की ओर से शनिवार को रेलवे स्टेशन के अलावा ब्लाक मुख्यालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, बस स्टैंड, थाना के समीप, काली माता मंदिर मार्ग, बीज गोदाम, नगर पंचायत कार्यालय अन्य भीड़ वाले स्थानों पर संबंधित बैनर चस्पा किया गया है। व्यापार मंडल के अध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता ने बताया कि दर्जनों बार स्टेशन को पूर्व के दर्जा में रखने संबंधी ज्ञापन देने के बावजूद रेल प्रशासन की ओर से अभी तक सकारात्मक संज्ञान नहीं लिए जाने से भारी आक्रोश है। रेल रोको संघर्ष समिति के संयोजक लक्ष्मण पांडेय ने बताया कि आजादी से पहले का यह स्टेशन है। सन् 1942 के आंदोलन में बलिया से चार दिन पूर्व रेवती आजाद हो गया था। ऐसे में यह ऐतिहासिक स्टेशन बरकरार रहना आवश्यक है। कामरेड ओम प्रकाश कुंवर ने बताया की हाल्ट घोषित करने से हजारों यात्रियों को आवागमन में भारी कठिनाईयां होगी। केसरवानी वैश्य समाज रेवती के अध्यक्ष सुनील केशरी ने आरोप लगाया कि सलेमपुर के सांसद रवींद्र कुशवाहा सहित क्षेत्रीय जन प्रतिनिधि इस मुद्दे पर मौन हैं। पप्पू केशरी, रमेश मणिक, महावीर तिवारी, प्रधान आशुतोष सिंह लालू , अर्जुन चौहान, विरेश तिवारी, राज किशोर यादव, भोला ओझा, महेश तिवारी, ओंकारनाथ ओझा आदि ने चेतावनी दी कि यदि स्टेशन का पूर्व का दर्जा कायम रखने का निर्णय तत्काल नहीं लिया गया तो हम लोग विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने के लिए विवश होंगे।
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