जयप्रभा सेतु से कूदने वाली किशोरी की मौत, दो और घटनाएं हुई थीं
13 वर्षीय खुशी की मौत: मार्च में दोकटी थाना क्षेत्र के सुकरौली गांव निवासी 13 वर्षीय खुशी कुमारी पुत्री सोहन प्रसाद यादव ने स्कूल जाने के बजाय जयप्रभा सेतु के पाया नंबर पांच से सरयू नदी में छलांग लगा दी। तीन दिन बाद उसका शव नदी में उतराया मिला। पुलिस ने पहचान के बाद पोस्टमार्टम कराया। बताया गया कि खुशी कक्षा आठ की छात्रा थी और मां से साइकिल दिलाने की जिद कर रही थी।
दूसरी किशोरी ने भी लगाई छलांग: 19 मार्च को स्कूल ड्रेस और बैग के साथ एक अज्ञात किशोरी जयप्रभा सेतु के पाया नंबर पांच के पास पहुंची और सरयू में छलांग लगा दी। घटना के बाद उसकी तलाश कराई गई।
मछुआरों ने युवती की जान बचाई: 18 अप्रैल को जयप्रभा सेतु से एक युवती ने करीब 50 फीट नीचे सरयू नदी में छलांग लगा दी। नदी में मौजूद मछुआरों ने तत्काल नाव की मदद से उसे बाहर निकाल लिया। बेहोशी की हालत में उसे मांझी सीएचसी पहुंचाया गया।
तनाव के संकेतों को गंभीरता से लेने की जरूरत
मनोवैज्ञानिक डॉ. अनुराग भटनागर के अनुसार आत्महत्या का विचार अक्सर गहरे मानसिक तनाव, निराशा या अचानक पैदा हुए संकट से जुड़ा होता है। ऐसे समय में व्यक्ति को अकेला छोड़ने के बजाय परिवार और दोस्तों को उसके साथ रहना चाहिए। उसकी बात बिना टोके और बिना निर्णय किए सुनना भी महत्वपूर्ण है। व्यवहार में अचानक बदलाव, अत्यधिक निराशा, खुद को नुकसान पहुंचाने की बात या लोगों से दूरी बनाने जैसे संकेत दिखाई दें तो गंभीरता से लेना चाहिए। ऐसे व्यक्ति को तत्काल भावनात्मक सहयोग देने के साथ विशेषज्ञ की मदद उपलब्ध कराना जरूरी है।