बलिया। जिला महिला अस्पताल की ओपीडी में खासी, जुकाम- बुखार से पीड़ित गर्भवती महिलाओं की भीड़ लग रही है। औसतन 80-90 ऐसी महिलाए प्रतिदिन ओपीडी में पहुंच रही हैं।
ओपीडी में मरीजों का इलाज कर रहीं डॉक्टर दीपिका गुप्ता ने बताया कि कि खांसी, जुकाम-बुखार से पीड़ित होकर आने वाली गर्भवती महिलाओं की संख्या आजकल ज्यादा है। ऐसी महिलाएं विटामिन सी से युक्त फल और सब्जियां जरूर खाएं। संतरा, सेब, केला, पालक, ब्रोकली, सलाद के पत्तों को डाइट में शामिल करें। नारियल पानी, नींबू पानी का सेवन करें। गले में खराश होने पर गर्म पानी में नमक मिलाकर गरारा करें। गर्म पानी में शहद और नींबू मिलाकर पीने से खांसी में आराम मिलता है।
डॉ. रिमझिम सिंह ने बताया कि गर्भ में पल रहे बच्चे के संपूर्ण विकास के लिए जरूरी है कि कैल्शियम और फाइबर से भरपूर आहार हो। फाइबर युक्त आहार खाने से पहली तिमाही में होने वाली मितली, अपच और कब्ज जैसी समस्याओं में राहत मिलती है। ठंड में गर्भवती महिलाओं को घबराने की जरूरत नहीं है। ठंड में वह पूरी तरह सावधानी बरतें। दवा खाने की जगह घरेलू उपचार पर ज्यादा जोर दें।